पितृपक्ष मेला 2026: 'पिंडदान गया जी' ऐप का कैसे करें इस्तेमाल? क्या क्या मिलेंगी सुविधा, जानिए एक क्लिक में

गयाजी पितृपक्ष मेला 2026 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. पहली बार AI और गूगल ट्रांसलेटर की मदद से भाषा की समस्या दूर होगी. 'पिंडदान गया जी' ऐप और वेबसाइट पर यात्रा, आवास, भोजन और पिंडदान से जुड़ी हर जानकारी उपलब्ध होगी.

AI App For Pitru Paksha Mela : गयाजी में पितृपक्ष मेला 2026 शुरू होने में सिर्फ 4 दिन बाकी हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्थाए की गई. इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं.

लॉन्च हुआ ऐप

श्रद्धालुओं को डिजिटल माध्यम से सही और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया है . ऐप इस तरह तैयार किया गया है कि गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी समय पर मिल सके.

इनमें पहली बार बहुभाषीय सुविधा को भी शामिल किया गया है. जिसे प्रदेश से तीर्थयात्री आएंगे, उनकी स्थानीय भाषा में 'मे आई हेल्प यू' डेस्क के जरिए उन्हें सहायता देने की व्यवस्था की गई है. इससे दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालु अपनी भाषा में अपनी समस्या बता सकेंगे और उसका समाधान पा सकेंगे.

क्या है पिंड दान गया जी ऐप?

पिंड दान गया जी मोबाइल ऐप तीर्थयात्रियों के लिए डिजिटल गाइड की तरह काम करेगा. श्रद्धालु गयाजी आने से पहले और मेला क्षेत्र में पहुंचने के बाद भी इस ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे. साथ ही Play Store से इस डाउनलोड कर सकते है.

क्या-क्या सुविधा है?

ऐप पर यात्रा, आवासन, भोजन और पिंडदान से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध होगी. इसके अलावा ट्रैफिक, पार्किंग, टिकट और मेला क्षेत्र से संबंधित जरूरी जानकारियां भी ऐप पर मिलेंगी.

श्रद्धालु ऐप के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे. इसके साथ ही खोया-पाया, आपातकालीन संपर्क, पंडा जी और वेदियों की जानकारी भी उपलब्ध होगी. शौचालय, पेयजल, स्वास्थ्य और पुलिस कैंप से जुड़ी जानकारी भी ऐप पर मिलेगी. रेलवे और हवाई यात्रा से जुड़ी नवीनतम सूचनाएं भी श्रद्धालु इसी माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे.

कैसे करें इस्तेमाल है?

मेला क्षेत्र में पहुंचने के बाद श्रद्धालु अपने ऐप और वेबसाइट के जरिए जरूरी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकेंगे. ऐप का इंटरफेस सरल रखा गया है, ताकि इसका इस्तेमाल करने में परेशानी न हो. किसी तरह की समस्या आने पर श्रद्धालु अपनी प्रतिक्रिया या शिकायत भी ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे. इससे मेला अवधि के दौरान सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी प्रशासन को मिल सकेगी और उपलब्ध सेवाओं में जरूरी सुधार किया जा सकेगा.

चैट बॉट की भी सुविधा

इस पर तीर्थयात्री के सहायता के लिए चैट बॉट भी उपलब्ध कराया है. इसके जरिए श्रद्धालु कम समय में जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. आवासन, आपातकालीन संपर्क, अलग-अलग सेवाओं और उनके स्थान से जुड़ी उपयोगी जानकारी चैट बॉट के माध्यम से ली जा सकेगी. यानी मेला क्षेत्र में पहुंचने के बाद भी श्रद्धालुओं को जरूरी सहायता मोबाइल फोन के जरिए मिल सकेगी.

पहली बार एआई और गूगल ट्रांसलेटर की सुविधा

इस बार पितृपक्ष मेले में भाषा से जुड़ी परेशानी को दूर करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि पहली बार एआई(AI) फीचर के साथ गूगल ट्रांसलेटर(Google Translator) की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.

अलग-अलग राज्यों और देशों से आने वाले श्रद्धालुओं की भाषा अलग होने के कारण उन्हें स्थानीय स्तर पर जानकारी लेने में परेशानी हो सकती है. इसे देखते हुए मेला क्षेत्र में संचालित काउंटरों पर जरूरत के अनुसार गूगल ट्रांसलेटर(Google Translator) डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके जरिए अलग-अलग भाषा बोलने वाले तीर्थयात्रियों को उनकी भाषा में जानकारी देने की व्यवस्था होगी. इससे श्रद्धालुओं को भाषा से जुड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.

ट्रेन से लेकर लोकल ट्रांसपोर्ट तक की जानकारी

पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रेन और हवाई मार्ग से गया पहुंचते हैं. इसे देखते हुए एप और वेबसाइट पर रेलवे की समय-सारणी और हवाई अड्डे से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध करायी गयी है.

इसके अलावा लोकल ट्रांसपोर्ट, पार्किंग स्थल और किराया सूची का विवरण भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया है. यानी गया पहुंचने के बाद कहां जाना है और वहां पहुंचने के लिए किस तरह की सुविधा मिलेगी, इसकी जानकारी भी श्रद्धालु पहले से देख सकेंगे.

Pitru Paksha Mela : गया पितृपक्ष मेला के लिए लॉन्च हुआ 'पिंडदान गया जी' एप, अब एक क्लिक में पंडा से यात्रा की मिलेगी हर जानकारी

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By रागिनी शर्मा

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