डोभी से ओमकार सिन्हा का रिपोर्ट
Gaya Ji LLB Student Murder Case : गया जी जिले के डोभी थाना क्षेत्र अंतर्गत अच्छामा गांव की रहने वाली 24 वर्षीय एलएलबी की छात्रा दिव्या कुमारी की संदिग्ध मौत मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है. मृतका के शव का पोस्टमार्टम होने से पहले ही पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि दिव्या की सोची-समझी रणनीति के तहत हत्या की गई है. परिजनों का सीधा आरोप है कि प्रेम-प्रसंग और पूर्व में दर्ज कराए गए एक मुकदमे को वापस लेने के लिए आरोपी पक्ष द्वारा लगातार दी जा रही धमकियों के चलते की गई है.
परिजनों के अनुसार, हत्या के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से उसके शव को झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित जजलो के एक बंद पड़े और पानी से भरे माइंस के गड्ढे में फेंक दिया गया था.
कोर्ट में होनी थी सुनवाई
मृतका दिव्या कुमारी पिछले कई वर्षों से गया कॉलेज से एलएलबी (वकालत) की पढ़ाई कर रही थी और साल 2027 में उसकी फाइनल परीक्षा होने वाली थी. इसके साथ ही वह शेरघाटी के एक वरिष्ठ वकील के अंतर्गत प्रैक्टिस भी कर रही थी. मृतका के पिता चमारी पासवान का कहना है कि आगामी 1 जुलाई को दिव्या द्वारा राहुल के खिलाफ दर्ज कराए गए शारीरिक शोषण के केस की अदालत में सुनवाई होने वाली थी.
Gaya Ji News : पिता का आरोप
पिता का आरोप है कि इसी सुनवाई को रोकने के मकसद से राहुल और उसके साथियों ने मिलकर पहले दिव्या को किडनैप किया, फिर उसकी हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए डेड बॉडी को माइंस में फेंक दिया.
शादी का झांसा और धोखा
परिवार के अनुसार, दिव्या का प्रेम-संबंध साल 2023 से ही कुबड़ी गांव के रहने वाले राहुल यादव नाम के युवक के साथ था. इसी दौरान राहुल यादव ने शादी का झांसा देकर दिव्या के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए. जब दिव्या ने आगे चलकर शादी करने की बात उठाई, तो राहुल लगातार टाल-मटोल करने लगा. इसके बाद वह दिव्या और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा.
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इसी प्रताड़ना से तंग आकर दिव्या ने 28 मई 2025 को शेरघाटी थाना में राहुल के खिलाफ मामला (कांड संख्या 256/25) दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
जेल से छूटकर दी धमकी
जेल जाने के करीब सात-आठ महीने बाद आरोपी राहुल यादव बेल (जमानत) पर बाहर आ गया. बाहर आने के बाद से ही वह लगातार फोन पर धमकियां दे रहा था और केस वापस लेने के लिए चौतरफा दबाव बना रहा था. परिजनों का आरोप है कि परिवार पर दबाव बनाने के लिए शेरघाटी पुलिस की कथित मिलीभगत से दिव्या के पिता चमारी पासवान के ऊपर भी चोरी का एक झूठा केस दर्ज करवा दिया गया था.
घर से बुलाकर किया लापता
मृतिका की बहन पूनम कुमारी के अनुसार, दिव्या 24 जून की सुबह कौलेश्वरी पहाड़ जाने के लिए घर से निकली थी. उसने फोन पर परिवार को बताया था कि उसके साथ राहुल भी मौजूद है. इसके बाद दोपहर में वह वापस घर लौट आई थी. घर लौटने के बाद करीब दो घंटे आराम करके वह दोपहर लगभग दो बजे दोबारा यह कहकर घर से निकली कि राहुल ने उसे मिलने के लिए बुलाया है.
वापस नहीं लौटी
जब वह शाम तक घर वापस नहीं लौटी, तो परिवार ने शाम सात बजे उसे फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल फोन पूरी तरह बंद आ रहा था.
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पुलिस की भूमिका पर सवाल
अगले दिन जब मृतिका के परिजन पूछताछ करने के लिए शेरघाटी थाना के पास स्थित राहुल के होटल पर गए, तो राहुल और उसके परिवार के लोगों ने उन्हें वहां से भगा दिया. इसके बाद जब परिजन शेरघाटी थाना में बेटी की गुमशुदगी की अर्जी देने पहुंचे, तो वहां से भी पुलिस ने उन्हें भगा दिया. इस पूरी घटना में शेरघाटी पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी को अक्सर थाने में आते-जाते देखा जाता था.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
इस बीच शेरघाटी-01 के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर शुक्रवार को केस दर्ज कर लिया गया है, जबकि दिव्या 24 जून से ही लापता थी. पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है.
