गया जी शहर के जीबी रोड के पास स्थित ऐतिहासिक गौड़ीय मठ में रविवार को छह दिवसीय झूलनोत्सव की शुरुआत हो गई है. मठ के महंत स्वामी उत्तम श्लोक दास ने जानकारी देते हुए बताया कि यह धार्मिक कार्यक्रम प्रतिदिन सावन पूर्णिमा यानी 28 अगस्त तक शाम 5:30 बजे से रात आठ बजे तक आयोजित होता रहेगा.
विशेष पूजा-अर्चना और वस्त्र धारण
उत्सव के पहले दिन कार्यक्रमों की शुरुआत से पूर्व भगवान को विधिवत स्नान कराया गया और उन्हें नए वस्त्र धारण कराए गए. इसके बाद विशेष पूजा व आरती संपन्न कर आराध्य भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को फूलों से सुसज्जित सुंदर और भव्य झूले पर विराजमान कराया गया.
भक्तिमय माहौल और 'हरि बोल' संकीर्तन
झूलनोत्सव के दौरान पूरा मठ परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि, घंटे-घंटाल और गूंजते हुए 'हरि बोल' संकीर्तन से पूरी तरह सराबोर नजर आया. इस भव्य आयोजन में काफी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने झूलनोत्सव का आनंद लिया और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया.
आत्मा और परमात्मा के प्रेम का प्रतीक
महंत स्वामी उत्तम श्लोक दास ने इस अवसर पर कहा कि झूलनोत्सव केवल एक सामान्य धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आत्मा को परमात्मा के पवित्र प्रेम से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम है, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक शांति मिलती है.
शहर के अन्य मंदिरों में भी आयोजन
गौड़ीय मठ के अलावा शहर के इस्कॉन मंदिर में भी रविवार से झूलनोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हो चुका है, जबकि विष्णुपद मंदिर तथा शहर के कई अन्य प्रतिष्ठित मंदिरों एवं ठाकुरबाड़ियों में भी 24 अगस्त से सावन पूर्णिमा तक झूलनोत्सव का विशेष आयोजन किया जाएगा.
