गया मगध मेडिकल में 42 करोड़ से बन रहा 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट, वेंटिलेटर से डायलिसिस तक की होगी सुविधा

गया मगध मेडिकल अस्पताल परिसर में 100 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) 42 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. यह यूनिट गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवन रक्षक उपकरणों से लैस होगी, जिससे रेफरल की समस्या कम होगी.

Magadh Medical Hospital Gaya : गया मगध मेडिकल अस्पताल परिसर में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 100 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने का काम जोर-शोर से चल रहा है. एआरटी सेंटर के पीछे खाली पड़ी जमीन पर क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण किया जा रहा है.

इसके लिए सरकार की ओर से लगभग 42 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इससे पहले पुराने गायनी वार्ड में 30 बेड का आईसीयू निर्माणाधीन था. हालांकि कुछ विवादों के कारण यह कार्य आधा पूरा होने के बाद न्यायालय में लंबित हो गया है. ऐसे में उसके पूर्ण होने में अभी समय लगने की संभावना है.

नए क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण के बाद गंभीर मरीजों को हर परिस्थिति में मगध मेडिकल अस्पताल में ही रखकर इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. इससे रेफरल की समस्या में भी काफी हद तक कमी आ जाएगी.

जीवन रक्षक उपकरणों से लैस होगी नई यूनिट

इस यूनिट में वेंटिलेटर, हार्ट मॉनिटर, इन्फ्यूजन पंप और डायलिसिस मशीन जैसे उपकरणों से सुसज्जित यह व्यवस्था डॉक्टरों और नर्सों को महत्वपूर्ण संकेतों की बारीकी से निगरानी करने और बिना देरी किए जीवन रक्षक इलाज यहां पर मरीजों को उपलब्ध कराई जाती है.

क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) अस्पताल के संचालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो गहन चिकित्सा देखभाल और इलाज की सख्त जरूरत वाले मरीजों के लिए प्राथमिक बुनियादी ढांचा प्रदान करते हैं. अस्पतालों के ये विशेष विभाग गंभीर, जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों का इलाज यहां आसानी से होती है.

इन गंभीर बीमारियों और मामलों का होगा इलाज

क्रिटिकल केयर अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अक्सर जटिल स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इनमें एक्सीडेंटल, गंभीर संक्रमण, चोटें, हार्ट अटैक व बड़ी सर्जरी से उत्पन्न जटिलताएं शामिल होती हैं.

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सामान्य अस्पताल वार्डों के विपरीत, क्रिटिकल केयर यूनिट मरीजों की स्थिति में अचानक होने वाले बदलावों पर तुरंत इलाज को ध्यान में रखते हुए ही इसकी बनावट की जाती है.

सीमावर्ती जिलों से आने वाले मरीजों को मिलेगी राहत

मगध प्रमंडल के लगभग सभी जिलों के साथ-साथ झारखंड के सीमावर्ती जिलों से भी मरीज यहां इलाज के लिए आते हैं. जीटी रोड व पटना-डोभी हाइवे होने के चलते एक्सीडेंटल के मरीज अधिक पहुंचते हैं.

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सीमित संसाधनों में अब तक उनका बेहतर इलाज किया जाता रहा है. 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने के बाद गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा और बेहतर होगी. कोशिश की जा रही है कि क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण जल्द ही पूरा कर लिया जाए.

डॉ प्रवीण कुमार अग्रवाल, उपाधीक्षक, मगध मेडिकल अस्पताल | Prabhat Khabar Network

अस्पताल प्रशासन का बयान

इस संबंध में मगध मेडिकल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसके पूरा होने से क्षेत्र के गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी.


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By Jitendra Mishra

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