गया जी में धान रोपनी को लेकर डीएम की समीक्षा, खराब ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलने और कृषि फीडरों से 12 घंटे बिजली के निर्देश

गया में धान रोपनी के मौसम को देखते हुए डीएम ने बिजली विभाग के साथ बैठक की. किसानों को पर्याप्त वोल्टेज के साथ 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. खराब ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे में बदलने का आदेश जारी किया गया है.

Gaya Farmers Electricity Supply : धान रोपनी के मौसम में किसानों को पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डीएम शशांक शुभंकर ने समाहरणालय सभागार में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं जिले के सभी कार्यपालक अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक की.

बैठक में कृषि कार्यों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति, कृषि ट्रांसफार्मरों की स्थिति, लो-वोल्टेज की समस्या तथा विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई. डीएम ने कहा कि वर्तमान समय जिले के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अगले लगभग 15 दिनों तक बड़ी संख्या में किसान अपने खेतों में धान रोपनी का कार्य करेंगे.

इसके लिए वर्षा के जल के साथ-साथ मोटर पंप के माध्यम से खेतों की सिंचाई की आवश्यकता पड़ती है. ऐसे में किसानों को पर्याप्त समय तक और पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली उपलब्ध कराना विद्युत विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

ट्रांसफार्मर बदलने और 12 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी कृषि ट्रांसफार्मरों से प्रतिदिन कम-से-कम 12 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को सिंचाई के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में अनियमितता या कम वोल्टेज के कारण किसानों का कृषि कार्य प्रभावित होता है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि जिले में जहां भी कृषि ट्रांसफार्मर खराब हैं, उन्हें अगले 24 घंटे के भीतर बदलना हर हाल में सुनिश्चित करें.

उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के दौरान ट्रांसफार्मर खराब रहने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

लो-वोल्टेज क्षेत्रों में रोटेशन प्रणाली लागू करने का निर्देश

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या है, वहां रोटेशन प्रणाली के तहत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रत्येक क्षेत्र के किसानों को पर्याप्त वोल्टेज मिल सके और वे अपने मोटर पंप सुचारू रूप से संचालित कर सकें.

इसके लिए प्रत्येक कृषि फीडर के अनुसार रोटेशन चार्ट तैयार कर संबंधित क्षेत्रों में पूर्व सूचना के साथ सार्वजनिक किया जाए, जिससे किसानों को यह जानकारी रहे कि उनके क्षेत्र में किस समय बिजली उपलब्ध रहेगी और उसी अनुसार वे सिंचाई की योजना बना सकें.

नियमित मॉनिटरिंग और शिकायतों का त्वरित समाधान

जिला पदाधिकारी ने कहा कि रोटेशन प्रणाली का उद्देश्य बिजली आपूर्ति कम करना नहीं, बल्कि सीमित संसाधनों के बीच किसानों को पर्याप्त वोल्टेज के साथ गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि मोटर पंप बिना किसी बाधा के चल सकें और धान रोपनी का कार्य समय पर पूरा हो सके.

उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषि फीडरों की नियमित मॉनिटरिंग करें, किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान करें तथा किसानों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतें.

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By Niraj kumar

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