गुरुआ प्रखंड के बड़ही बिगहा व मीरचक गांव में पिछले एक सप्ताह से नल-जल योजना बंद पड़ी है. इसके कारण ग्रामीणों के समक्ष पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना बंद रहने से रोजमर्रा के काम के लिए भी पानी जुटाने में परेशानी हो रही है.
दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाने को मजबूर
ग्रामीणों के अनुसार, नल-जल योजना बंद होने के कारण कई परिवारों को दूर-दराज के चापाकल और अन्य जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है. इससे लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए पानी जुटाने में काफी परेशानी हो रही है.
पीएचइडी विभाग को दी गयी खराबी की जानकारी
वार्ड सदस्य पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि नल-जल योजना में आयी खराबी की जानकारी पीएचइडी विभाग के कर्मचारियों को दी गयी है. इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है. विभागीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन विभाग इस मामले में मौन है. लगातार एक सप्ताह से जलापूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
जलापूर्ति बहाल कराने की मांग
ग्रामीणों ने पीएचइडी विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द नल-जल योजना की खराबी दूर कर नियमित जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि योजना बंद रहने से उन्हें पानी के लिए दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने बतायी अपनी परेशानी
इस मौके पर मनीता देवी, तारा देवी, शत्रुधन गुप्ता, अर्जुन मांझी, अनिता देवी, राजू रंजन, गणेश प्रसाद आदि मौजूद रहे. ग्रामीणों ने नल-जल योजना को जल्द चालू कराने की मांग की.
