गया : शादी करने की नीयत से बहला-फुसला कर नाबालिग बच्ची के अपहरण के एक मामले में अदालत ने 10 वर्ष की सजा सुनायी है. त्वरित न्यायालय प्रथम दिग्विजय सिंह की अदालत में नीमचक बथानी थाना कांड संख्या 5/11 के सूचक नीमचक बथानी थाने के छतनी गांव के रहनेवाले मथुरा प्रसाद का आरोप था कि 31 जनवरी 11 काे उसकी नाबालिग नतनी काे पड़ाेस के ही एक बच्ची ने बहाने से बाहर बुलाया और नतनी की माेबाइल फोन से बात करायी.
मोबाइल पर बात करने की के बाद मेरी नतनी गांव के उत्तर में आहर की आेर चली गयी जहां से अमरेश कुमार उर्फ छाेटन कुमार व उसके पिता अमरेंद्र प्रसाद बाइक पर बैठा कर हमारी नतनी काे शादी की नीयत से लेकर चले गये.
इस मामले में कुल तीन लाेगाें काे अभियुक्त बनाया गया था. अमरेश कुमार का मामला किशाेर न्यायालय में चल रहा है. इनकी मां मीरा देवी व अमरेंद्र प्रसाद काे इस मामले में अदालत ने दाेनाें पक्षाें काे सुनने के बाद 10 साल की सजा सुनायी.
अदालत ने जिस दिन दाेषी करार दिया था, उसी दिन इस मामले के मुदालह अमरेंद्र प्रसाद फरार हाे गये. अदालत ने अमरेंद्र प्रसाद के खिलाफ कुर्की जब्ती का आदेश जारी कर दिया. बुधवार काे सजा के दिन भी अमरेंद्र प्रसाद फरार पाये गये. इस मामले में अभियाेजन पक्ष की आेर से कुल 10 लाेगाें की गवाही हुई.
सूचक की आेर से अधिवक्ता बबन सिंह व बचाव पक्ष की आेर से अधिवक्ता सुनील कुमार ने अपना पक्ष रखा. अदालत ने दाेनाें पक्षाें काे सुनने के बाद 10 साल की सजा व 15 हजार रुपये जुर्माना मुकर्रर किया. जुर्माना अदा न करने की सूरत में छह महीने की अतिरिक्त सजा सुनायी.
