बोधगया : हमारे मान-सम्मान में कहीं कोई कमी नहीं है. एनडीए में इसे लेकर कोई समस्या नहीं है. यहां लोगों का मान-सम्मान सुरक्षित है. 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेसनीत यूपीए गठबंधन में यह एक समस्या थी. तब कांग्रेस अपने मनमाने तरीके से चुनाव की रणनीति बनाने लगी थी.
बाद में मान-सम्मान के मसले पर ही केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने यूपीए छोड़ने का फैसला किया था. जब से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) एनडीए का हिस्सा है, मान-सम्मान में कोई कमी नहीं है. गठबंधन में सब ठीक है. ये बातें लोजपा के जमुई सांसद चिराग पासवान ने कहीं. वह मम्मी जी एजुकेशन ट्रस्ट के वार्षिकोत्सव में भाग लेने के लिए बोधगया पधारे थे.
इसी कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं ने उनसे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं की उन टिप्पणियों पर सवाल किया था, जिनके तहत कथित तौर पर राजद नेता एनडीए में उपेंद्र कुशवाहा व रामविलास पासवान का मान-सम्मान नहीं किये जाने की बात कहते रहे हैं. श्री पासवान ने विरोधियों की इस धारणा को खारिज करते हुए कहा कि राजद एनडीए में किसी के मान-सम्मान के बारे में न बोले, वही ज्यादा बेहतर होगा.
एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के नेता व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बारे में पूछे जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें एनडीए के अंदर ही अपनी बातें रखनी चाहिए. बाहर बातें होने से ज्यादा हवा मिल रही है. विरोधी श्री कुशवाहा की बातों को लेकर चर्चा का बाजार गरम कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है. एनडीए के अंदर सारी चीजें ठीक कर ली जा सकती हैं.
नक्सलग्रस्त इलाकों में सुधार की उम्मीद
उग्रवाद से जुड़े एक सवाल के जवाब में श्री पासवान ने कहा कि इस दिशा में बेहतर काम हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस मामले में गंभीर हैं. ऊपर से 27 वर्ष बाद यह एक संयोग है कि राज्य व केंद्र में एक जैसी सरकारें हैं. निश्चित तौर पर इसका लाभ उग्रवाद प्रभावित इलाकों को मिलेगा. ऐसे क्षेत्रों की स्थिति में सुधार होगा.
