Eco Tourism In Bihar: बिहार में ईको-टूरिज्म के लिए 70 जगहें पर्यटकों की नई पसंद बनेंगी. पर्यटन विभाग ने 50 से अधिक नये पर्यटन स्थलों को चिह्नित किया है. इनमें 10 से 15 एक्टिव ईको-टूरिज्म स्थल हैं, जबकि 24 से अधिक प्रमुख स्थलों को विकसित करने का काम तेज गति से चल रहा है. राज्य के प्रमुख ईको-टूरिज्म जगहों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (पश्चिम चंपारण) सबसे प्रमुख है, जो बिहार का टाइगर रिजर्व है.
इन जगहों को भी किया गया शामिल
अन्य महत्वपूर्ण जगहों में कैमूर वाइल्डलाइफ सेंचुरी (झरनों और ट्रेकिंग के लिए प्रसिद्ध, दूसरे टाइगर रिजर्व के रूप में विकसित हो रहा), भीम बांध वाइल्ड लाइफ गौतम बुद्ध वाइल्डलाइफ सेंचुरी, विक्रमशीला गंगा डॉल्फिन सैंचुरी (नाव यात्रा से डॉल्फिन देखने का अनोखा अनुभव), कांवर झील पक्षी अभ्यारण्य, राजगीर के पहाड़ (ट्रेकिंग, हॉट स्प्रिंग्स और ग्लास ब्रिज), काकोलत जलप्रपात, घोराकटोरा, बराबर-गुरूपा पहाड़ियां और सूरजपुर वेटलैंड्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
कैमूर में विकसित होगा जंगल सफारी
सहरसा स्थित मत्स्यगंधा झील पर सोमेनियर शॉप, सुपर ट्री, ग्लास ब्रिज और एक्सपीरियंस सेंटर समेत अन्य सुविधाएं साल 2026 तक पूरी कर ली जायेंगी. पश्चिम चंपारण के लव-कुश पार्क और बाल्मीकि नगर में आइकॉनिक टूरिज्म पार्क का व्यापक विकास कार्य 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
इसके अलावा मां मुंडेश्वरी धाम में धर्मशाला का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए जंगल सफारी और ईको-टूरिज्म गतिविधियों को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा. इन सभी जगहों पर नेचर ट्रेल्स, वॉच टावर, ईको-कॉटेज, होमस्टे, डिजिटल साइनेज और इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जायेंगी.
20 लाख लोगों को रोजगार देने का टारगेट
पर्यटन विभाग के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि ईको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार का लक्ष्य स्थाई पर्यटन को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके. इन प्रयासों से न केवल देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित होंगे, बल्कि बिहार की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर की भी रक्षा होगी. सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में अगले पांच सालों में 20 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा है.
