Majhigama School: केवटी प्रखंड के मझिगामा गांव में करीब 13 वर्ष पहले 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित छह कमरे के विद्यालय भवन में अब तक शिक्षण व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है. दूसरी ओर गांव में ही महज तीन कमरों के भवन में मध्य विद्यालय एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय का संचालन दो शिफ्ट में किया जा रहा है. इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है.
रविवार को महावीरस्थान परिसर में दिनेश पासवान की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें छह कमरे वाले भवन में उच्च माध्यमिक विद्यालय का संचालन शुरू कराने के लिए प्रधानाध्यापक से वार्ता करने का निर्णय लिया गया. ग्रामीणों ने कहा कि यदि विद्यालय को नये भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा.
20 लाख से बना भवन, 13 साल बाद भी नहीं शुरू हुई पढ़ाई
ग्रामीणों के अनुसार, मझिगामा गांव में वर्ष 2013 में करीब 20 लाख रुपये की लागत से छह कमरे का विद्यालय भवन बनाया गया था. भवन निर्माण के बाद भी वहां शिक्षण व्यवस्था शुरू नहीं की गयी. वर्तमान में गांव में ही दूसरी जगह महज तीन कमरों में मध्य विद्यालय और उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि कम जगह के कारण विद्यालय का संचालन दो शिफ्ट में करना पड़ रहा है. इससे विद्यार्थियों को भी परेशानी होती है. इसके बावजूद पर्याप्त कमरों वाले भवन में पढ़ाई शुरू नहीं की जा रही है.
विभागीय आदेश के बाद भी नहीं हुआ स्थानांतरण
बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय आदेश के बावजूद उच्च माध्यमिक विद्यालय को छह कमरे वाले भवन में स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, भवन परिसर में शिक्षा विभाग की ओर से खेल-कूद की व्यवस्था भी की गयी है, लेकिन कक्षाएं शुरू नहीं की गयी हैं.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय राजनीति के कारण भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा है. उनका कहना है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश का भी अब तक कोई प्रभाव नहीं दिखा है.
बैठक में दिनेश पासवान, सुजीत कुमार, रवींद्र सिंह, विनोद यादव, सुरेश महतो, रामरीख यादव, रामशीष महतो समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे.
