तीन चिताएं, तीन गांवों का विलाप, एक हादसे ने छीन लिए तीन घरों के सहारे, मातम में डूबा इलाका

दरभंगा के कुशेश्वरस्थान पूर्वी में धबौलिया पुल पर हुए सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं. एक सेना के जवान की मौत बेटी के जन्मदिन की तैयारी के दौरान हो गई, जबकि दो अन्य परिवारों के कमाने वाले सदस्य भी इस हादसे का शिकार हुए.

Darbhanga News: कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के धबौलिया पुल पर शनिवार शाम हुए सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं. रविवार को बड़गांव, धबौलिया और भरडीहा गांव में शोक का माहौल रहा. मृतकों के घरों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि पूरे इलाके में मातम पसरा रहा.

बेटी के जन्मदिन की तैयारी मातम में बदली

सबसे मार्मिक दृश्य बड़गांव गांव में देखने को मिला. यहां भारतीय सेना के जवान अखिलेश आनंद अपनी बेटी काव्या के जन्मदिन के लिए केक का ऑर्डर देने निकले थे. रास्ते में धबौलिया पुल पर खड़ी एक ट्रक से उनकी बुलेट की टक्कर हो गई, जिससे उनकी मौत हो गई.

घर में जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन हादसे की खबर पहुंचते ही खुशियां मातम में बदल गईं. गर्भवती पत्नी अंशु कुमारी सदमे में बेसुध होती रहीं, जबकि मासूम बेटी पिता के लौटने का इंतजार करती रही.

दो परिवारों से भी उठ गया कमाने वाले का साया

धबौलिया गांव निवासी पंकज राय का शव घर पहुंचते ही पत्नी मंजू देवी विलाप करने लगीं. उनके दो बेटे और तीन बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया.

वहीं भरडीहा गांव में बादल कुमार यादव का शव पहुंचने पर मां लाखो देवी बेटे से लिपटकर रोती रहीं. पिता संतोष यादव, जो बाहर रहते हैं, उन्हें भी बेटे की मौत की सूचना दी गई.

अंतिम संस्कार, सेना के जवान का शव डीप फ्रीजर में सुरक्षित

रविवार को पंकज राय और बादल कुमार यादव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. वहीं सेना के जवान अखिलेश आनंद के माता-पिता के देहरादून से लौटने के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. तब तक उनका पार्थिव शरीर डीएमसीएच के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है.

सड़क सुरक्षा की मांग हुई तेज

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने धबौलिया पुल पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया. उन्होंने प्रशासन से अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई करने और पुल के आसपास स्थायी सड़क सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की.


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लेखक के बारे में

संतोष पोद्दार को पत्रकारिता का 20 वर्षों का लंबा अनुभव है. ये सामाजिक, राजनीतिक, आपराधिक व धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं.

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