Darbhanga News: बिरौल में पंचायती राज विभाग के निर्देश पर रविवार को ग्राम पंचायत सुपौल हाट गाछी स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया. मुखिया कासिफ उजाला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजनाओं के चयन, मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना की समीक्षा और वीबी ग्राम के तहत चल रही योजनाओं पर चर्चा की गई. हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर फैली गंदगी और अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली.
सेवा केंद्र परिसर में कचरे का अंबार, जमीन पर बैठे ग्रामीण
कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही राजीव गांधी सेवा केंद्र परिसर में चारों तरफ कचरा फैला हुआ था. नाले का गंदा पानी भी परिसर के समीप बह रहा था. बैठक में शामिल होने पहुंचे ग्रामीणों के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण कई लोगों को जमीन पर बैठकर कार्यक्रम में शामिल होना पड़ा.
ग्रामीणों ने बैठक के दौरान प्रमुखता से इन समस्याओं को उठाया:
- सेवा केंद्र परिसर में गंदगी और कचरे की समस्या
- नाले के गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था
- बदहाल शौचालय की स्थिति
- पेयजल की समस्या
- कार्यक्रम से पहले परिसर की सफाई नहीं होने पर सवाल
विकास योजनाओं के साथ सफाई व्यवस्था पर भी हुई चर्चा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के चयन पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ वीबी ग्राम के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी भी ली गई. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं का चयन करते समय सड़क, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
समाजसेवी चन्द्रविजय प्रसाद साहु ने कहा कि जब पंचायत कार्यालय ही गंदगी से भरा रहेगा तो विकास की बात कैसे होगी. उन्होंने मुखिया से राजीव गांधी सेवा केंद्र की नियमित साफ-सफाई के लिए पंचायत स्तर पर सफाईकर्मी की व्यवस्था कराने की मांग की.
अगले सप्ताह से सफाई शुरू कराने का अनुरोध
चन्द्रविजय प्रसाद साहु ने सेवा केंद्र परिसर की साफ-सफाई अगले सप्ताह से शुरू कराने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि 2026-27 की योजनाओं में नाली, सड़क और पेयजल से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाना चाहिए.
कई ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि हर माह आयोजित होने वाले पंचायत विकास दिवस से पहले कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई क्यों नहीं कराई जाती है. ग्रामीणों का कहना था कि विकास योजनाओं पर चर्चा के साथ पंचायत कार्यालय और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर भी ध्यान देना जरूरी है.
क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य गांव की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में काम करना है. ऐसे में बैठक स्थल पर ही गंदगी, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की.
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