Darbhanga News: संस्कृत विश्वविद्यालय ने कई संबद्ध कॉलेजों के दो शैक्षणिक सत्रों की अस्थायी संबंधन की अनुशंसा की

Darbhanga News:कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में संबंधन समिति की बैठक हुई.

Darbhanga News: दरभंगा. कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय की अध्यक्षता में संबंधन समिति की बैठक हुई. इसमें ब्रहादेव मुनि उदासीन संस्कृत महाविद्यालय, हाजीपुर, वैशाली, मिथिला संस्कृत महाविद्यालय, ससौला सभा, सीतामढ़ी, नित्यानन्द संस्कृत महाविद्यालय, अमारूत, गया, श्री महंथ शतानन्द गिरि हरिहर संस्कृत महाविद्यालय, बोधगया के निरीक्षण प्रतिवेदन पर विचार करते हुए अगले दो शैक्षणिक सत्रों के लिये अस्थायी संबधन की अनुशंसा की गई. वहीं श्री वाणभट्ट संस्कृत महाविद्यालय, महरौली, सकरी खुर्द, अरवल को उपशास्त्री स्तर की दो शैक्षणिक सत्रों के लिये अस्थायी संबधन दिये जाने की अनुशंसा की गई. जनक नन्दनी संस्कृत महाविद्यालय, हरिपुर, ढंगा, डीहटोल, मधुबनी एवं लक्ष्मीनाथ मधुसूदन संस्कृत महाविद्यालय वनगांव सहरसा को भी अस्थायी संबंधन की अनुशंसा की गई. बता दें कि पिछली बैठक में अनुशंसित प्रस्ताव जब अनुमोदन के लिए सिंडिकेट में रखा गया था, तो सदस्यों ने संबंधन समिति के एक सदस्य की वैधता पर सवाल उठाया था. आपत्ति जताई थी कि संबंधन समिति में दो सदस्यों का मनोनयन सिंडिकेट द्वारा पारित निर्णय के आलोक में किया जाना चाहिए था. कुलपति ने अपने स्तर से एक सदस्य नामित कर दिया था. तब बैठक में ही सिंडिकेट ने डॉ दिलीप कुमार चौधरी को संबंधन समिति का सदस्य नामित कर दिया. सिंडिकेट की उसी बैठक में सभी प्रस्ताव को फिर संबंधन समिति की बैठक में पुनर्विचार के लिये रखने का निर्णय लिया गया था. सिंडिकेट की उसी बैठक के निर्णय के आलोक में आज फिर से संबंधन समिति की बैठक में सभी मुद्दे पर विमर्श किया गया.

पिछली बैठक की अनुशंसा में आंशिक संशोधन

पिछली बैठक की अनुशंसा में आंशिक संशोधन किया गया. पिछली बैठक में वाणभट्ट संस्कृत महाविद्यालय, महरौली, सकरी खुर्द, अरवल को उपशास्त्री स्तर के तीन शैक्षणिक सत्रों के लिये अस्थायी संबंधन दिये जाने की अनुशंसा की गई थी. इसमें संशोधन कर दो शैक्षणिक सत्र कर दिया गया. पिछली बैठक में जनक नन्दनी संस्कृत महाविद्यालय, हरिपुर, ढंगा, डीहटोल, मधुबनी एवं लक्ष्मीनाथ मधुसूदन संस्कृत महाविद्यालय वनगांव सहरसा को स्थायी संबंधन देने की अनुशंसा की गई थी. आज की बैठक में इन दोनों कालेजों को अस्थायी संबंधन देने की अनुशंसा की गई. बैठक में सिंडिकेट द्वारा नामित दो सदस्यों में डॉ दिलीप चौधरी एवं डॉ अजित कुमार चौधरी, संकायाध्यक्षों में डॉ दयानाथ झा, प्रो. दिलीप कुमार झा, डॉ अनिल इश्शर, विभागाध्यक्षों में डॉ कुणाल कुमार झा, डॉ शंभू शरण तिवारी, प्रधानाचार्य में डॉ दिनेश्वर यादव, डॉ अशोक आजाद के अलावा डीएसडब्ल्यू डॉ शिवलोचन झा, सीसीडीसी डॉ दिनेश झा, कुलसचिव प्रो. ब्रजेशपति त्रिपाठी आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PRABHAT KUMAR

PRABHAT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >