उत्तर बिहार में हल्की बारिश के आसार, किसानों को मौसम देखकर कृषि कार्य करने की सलाह

उत्तर बिहार के लिए 2 अगस्त तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया गया है. अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है. किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह भी दी गई है.

Darbhanga Weather: ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से 2 अगस्त तक के लिए जारी मध्यावधि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है. हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. 30-31 जुलाई के आसपास गोपालगंज, सिवान एवं पश्चिम चंपारण के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है.

36 डिग्री तक रह सकता है अधिकतम तापमान

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में उत्तर बिहार में अधिकतम तापमान 32 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. वहीं न्यूनतम तापमान 24 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. हवा मुख्यतः पूर्वी दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने का अनुमान है.

30-31 जुलाई को इन जिलों में बारिश की संभावना

30 और 31 जुलाई के आसपास गोपालगंज, सिवान एवं पश्चिम चंपारण जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. ऐसे में इन जिलों के किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है.

किसानों के लिए समसामयिक कृषि सुझाव

मौसम को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है, वहां खेतों में अनावश्यक सिंचाई से बचना चाहिए. फसलों में जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करें और बारिश के बाद खेत में जलजमाव नहीं होने दें.

किसानों को सलाह दी गई है कि तेज हवा एवं बारिश की संभावना को देखते हुए तैयार फसल, सब्जियों तथा अन्य कृषि उत्पादों की समय पर देखभाल करें. कीटनाशी या रोगनाशी दवाओं का छिड़काव मौसम साफ रहने पर ही करें, ताकि बारिश के कारण दवा का प्रभाव कम न हो.

सब्जी एवं धान की फसल पर रखें विशेष नजर

धान एवं सब्जियों की फसल में अधिक नमी या जलजमाव की स्थिति पर विशेष निगरानी रखें. खेतों में पानी जमा होने पर आवश्यकतानुसार निकासी की व्यवस्था करें. सब्जी उत्पादक किसान बेल वाली फसलों एवं अन्य सब्जियों में रोग और कीट के प्रकोप की नियमित निगरानी करें.

मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसानों को मौसम पूर्वानुमान के आधार पर ही सिंचाई, उर्वरक एवं कीटनाशी दवाओं के छिड़काव सहित अन्य कृषि कार्य करने चाहिए. बारिश की संभावना वाले दिनों में खेतों में अनावश्यक कृषि रसायनों का प्रयोग करने से बचना बेहतर होगा.

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By Satish Kumar

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