Darbhanga News: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना सदर प्रखंड की मुरिया पंचायत में दम तोड़ती नजर आ रही है. पंचायत के सभी 16 वार्डों में करोड़ों रुपये की लागत से जलमीनार, सबमर्सिबल और पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन वर्ष 2018 से अब तक अधिकांश वार्डों के लोगों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका है. भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है.
जलमीनार और पाइपलाइन बनी शोपीस
मुरिया उप स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित जलमीनार जर्जर अवस्था में खड़ी है. रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के अन्य वार्डों में भी नल-जल योजना का हाल लगभग यही है. योजना शुरू होने के बाद एक-दो दिन भी नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी.
पीएचईडी को जिम्मेदारी मिलने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार हाल के वर्षों में नल-जल योजना के संचालन की जिम्मेदारी पीएचईडी विभाग को सौंप दी गई, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया. विभागीय उदासीनता के कारण करोड़ों रुपये की सरकारी योजना लोगों के लिए बेकार साबित हो रही है.
ग्रामीण बोले, आज भी चापाकल ही सहारा
स्थानीय महिला सीमा देवी ने बताया कि नल-जल योजना का लाभ आज तक नहीं मिला. हर दिन दूर से पानी लाना पड़ता है. उनके अनुसार सरकार की यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित है. वहीं ग्रामीण रामविलास ने कहा कि जलमीनार और पाइपलाइन तो बना दी गई, लेकिन नलों में कभी पानी नहीं आया. करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोग आज भी चापाकल के भरोसे हैं.
जांच कर योजनाएं चालू कराने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पीएचईडी विभाग से पंचायत की बंद पड़ी नल-जल योजनाओं की जांच कर उन्हें जल्द चालू कराने की मांग की है, ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके.
