जाले के एमकेएस कॉलेज में शिक्षकेतर कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, 15 सूत्री मांगों को लेकर ठप रहा कामकाज

एमकेएस कॉलेज, त्रिमुहान चंदौना के शिक्षकेतर कर्मचारियों ने 15 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इस हड़ताल के कारण कॉलेज का पूरा कामकाज ठप पड़ गया है, जिससे छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Darbhanga News: बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 15 सूत्री मांगों के समर्थन में सोमवार से एमकेएस कॉलेज, त्रिमुहान चंदौना के शिक्षकेतर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी. अध्यक्ष उमेश सिंह एवं सचिव रविरंजन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कॉलेज में कामकाज ठप कर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन शुरू किया. हड़ताल के कारण वर्ग संचालन, प्रायोगिक परीक्षाओं के साथ कार्यालय का कामकाज भी पूरी तरह प्रभावित रहा.

15 सूत्री मांगों को लेकर शुरू किया आंदोलन

शिक्षकेतर कर्मचारियों ने पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों पर कार्रवाई, प्रोन्नति प्राप्त कर्मियों के वेतन निर्धारण एवं भुगतान तथा शेष कर्मियों की पदस्थापना की मांग की है. इसके अलावा रिक्त पदों पर प्रोन्नति प्रभार देने और लोक भवन, पटना द्वारा पारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है.

वेतन और एमएसीपी का लाभ देने की मांग

कर्मचारियों ने चतुर्थ चरण के कर्मियों के सप्तम वेतनमान के वेतांतर भुगतान, न्यायालय के आदेश के अनुरूप लाभ देने तथा एमएसीपी का निर्धारण करने की मांग की है. स्थानांतरित कर्मियों का स्थानांतरण वापस लेने, कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते और सेवांत लाभ का भुगतान करने की मांग भी की गई है.

वर्ग संचालन से कार्यालय तक कामकाज प्रभावित

अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले दिन सोमवार को महाविद्यालय में वर्ग संचालन के साथ प्रायोगिक परीक्षाएं भी नहीं हो सकीं. कार्यालय का कामकाज भी पूरी तरह बंद रहा. इससे कॉलेज पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. कर्मचारियों ने कहा कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

समय पर वेतन भुगतान की भी मांग

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी कर्मियों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना भी शामिल है. संघ का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा है. कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान की पहल करने की अपील की.

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By Keshwendra pratap tha

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