MGNREGA Scam News: दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड अंतर्गत मनोर भौराम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है. कमला नदी की नहर उराहीकरण (गाद सफाई) और बांध सुरक्षा के नाम पर व्यापक पैमाने पर अनियमितता और सरकारी राशि के गबन का गंभीर आरोप लगा है. अम्बा बिजुलिया गांव के निवासी प्रियांशु कुमार ने बिरौल एसडीओ और मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) को तीन पन्नों का लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
5 मुख्य योजनाओं की आड़ में बनाई गईं 8 फर्जी योजनाएं
शिकायतकर्ता प्रियांशु कुमार ने आवेदन में बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में पंचायत समिति और ग्राम पंचायत द्वारा पंचगछिया पुल से लेकर देकुली-जगरनाथपुर पंचायत सीमा तक कमला नदी पर 5 मुख्य योजनाएं संचालित की गई थीं. आरोप है कि इन्हीं 5 स्थानों पर मुखिया द्वारा अलग-अलग नाम से 8 फर्जी योजनाएं कागजों पर तैयार कर ली गईं और सरकारी खजाने से लाखों रुपये का अवैध आहरण कर लिया गया.
ड्रोन सर्वे, जीपीएस टैगिंग और रिकवरी की मांग
शिकायतकर्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि:
- सभी संबंधित योजनाओं का संयुक्त स्थल निरीक्षण और तकनीकी-वित्तीय जांच कराई जाए.
- निष्पक्षता के लिए ड्रोन सर्वे और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) हो.
- जीपीएस टैगिंग, मस्टर रोल, एमबी (Measurement Book), FTO और भुगतान अभिलेखों की गहन पड़ताल की जाए.
- दोषी जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों और अधिकारियों पर FIR दर्ज कर गबन की गई राशि की वसूली हो और जांच पूरी होने तक सारे अभिलेख जब्त किए जाएं.
मनरेगा पीओ का बयान: 'मामले की जांच हो चुकी है, रिकवरी भी की गई'
वहीं, पूरे मामले पर मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी (PO) महेश भगत ने बताया कि यह मामला पुरानी योजनाओं से जुड़ा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं की जिलास्तरीय जांच पहले ही कराई जा चुकी है. जांच के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर दोषियों से बहुत सारे रुपये की रिकवरी (वसूली) भी की जा चुकी है.
