Darbhanga News: छात्राओं को तकनीकी क्षेत्र में सशक्त बना सकती जावा

Darbhanga News:डब्ल्यूआइटी व करियर फॉर साइट (सी-डैक एटीसी), पटना की ओर से जावा टेक्नोलॉजी विषय पर शनिवार को सेमिनार हुआ.

Darbhanga News: दरभंगा. डब्ल्यूआइटी व करियर फॉर साइट (सी-डैक एटीसी), पटना की ओर से जावा टेक्नोलॉजी विषय पर शनिवार को सेमिनार हुआ. मुख्य अतिथि पटना केंद्र के करियर फॉर साइट के सेन्टर मैनेजर सह-परीक्षा नियंत्रक अमन पुष्प ने कहा कि यह संस्थान उन्नत तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. जावा जैसी स्थायी, सुरक्षित और स्केलेबल प्रोग्रामिंग भाषा सीखकर छात्राएं स्वयं को तकनीकी क्षेत्र में सशक्त बना सकती हैं. सी-डैक द्वारा संचालित पीजी डिप्लोमा, इंटर्नशिप और सर्टिफिकेट कोर्स की जानकारी साझा करते हुए प्लेसमेंट रेट और गुणवत्ता-निर्देशित प्रशिक्षण प्रणाली की भी जानकारी दी.

विशिष्ट अतिथि एनआइटी पटना के सहायक प्राध्यापक डॉ अभिषेक आनंद ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन से जावा टेक्नोलॉजी के विभिन्न आधुनिक अनुप्रयोगों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि यह एक स्वतंत्र प्लेटफॉर्म, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड और सुरक्षित भाषा है. जावा का उपयोग वेब विकास, मोबाइल एप्लिकेशन, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, बिग डेटा और क्लाउड टेक्नोलॉजी जैसी उन्नत तकनीकों में बड़े पैमाने पर किया जाता है. उन्होंने हाइबरनेट, स्प्रिंग, जावा एफएक्स जैसे आधुनिक फ्रेम वर्क्स की भी जानकारी दी, जो उद्योग जगत में व्यापक रूप से प्रयोग किए जाते हैं.

डिजिटल युग में जावा प्रोग्रामिंग की भूमिका अहम

सी-डैक, पुणे से रिटेनर अमित कुमार ने कहा कि आज के डिजिटल युग में जावा प्रोग्रामिंग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है. जावा की बहु- परतीय संरचना और व्यापक पुस्तकालयों के कारण यह प्रोग्रामिंग भाषा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि जावा की गहन समझ उन्हें न केवल सॉफ्टवेयर विकास बल्कि साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कम्प्यूटिंग आदि क्षेत्रों में भी करियर के नए द्वार खोल सकती है. संस्थान के निदेशक प्रो. अजय नाथ झा ने छात्राओं को जावा टेक्नोलॉजी से जुड़ी अत्याधुनिक जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने करियर फॉर साइट द्वारा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि हमारे प्रौद्योगिकी संस्थान के शिक्षक डिजिटल टूल्स, स्मार्ट क्लासरूम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनोवेटिव लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म्स का प्रभावी उपयोग करते हुए न केवल शिक्षण को रुचिकर बना रहे हैं, बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए भी सक्षम बना रहे हैं. धन्यवाद ज्ञापन उप-कुलसचिव डॉ प्रियंका राय ने की. कहा कि यह सेमिनार तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है. छात्राओं के करियर निर्माण में यह मील का पत्थर साबित होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By PRABHAT KUMAR

PRABHAT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >