Darbhanga News: चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता के कारण दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) मिथिला ही नहीं, बल्कि सीमांचल और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र बनता जा रहा है. वर्ष 2026 के पहले छह माह के आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी से 30 जून के बीच अस्पताल के विभिन्न विभागों में कुल 3,99,023 मरीजों का निबंधन हुआ. यानी छह माह में करीब चार लाख लोगों ने डीएमसीएच में चिकित्सकीय परामर्श और उपचार प्राप्त किया.
मेन ओपीडी में सबसे अधिक मरीज पहुंचे
अस्पताल का मुख्य ओपीडी मरीजों के उपचार का सबसे बड़ा केंद्र बना रहा. छह माह में 3,04,655 मरीजों ने मेन ओपीडी में निबंधन कराया. यहां मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, नेत्र, कान-नाक-गला, त्वचा सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से मरीजों ने परामर्श लिया.
इमरजेंसी में 41 हजार से अधिक मरीजों का इलाज
डीएमसीएच की आपातकालीन सेवा भी बड़ी संख्या में मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई. रिपोर्ट के अनुसार छह माह में 41,673 मरीजों का इमरजेंसी विभाग में उपचार किया गया. सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, हृदय रोग, प्रसूति संबंधी जटिलताओं और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई.
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बढ़ी विशेषज्ञ सेवाओं की पहुंच
डीएमसीएच परिसर स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. छह माह में 15,010 मरीजों ने यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया. कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को राहत मिली.
महिला और बच्चों के उपचार में भी बेहतर उपलब्धि
अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 14,269, एएनसी ओपीडी में 8,412, शिशु रोग विभाग में 8,237 तथा एमसीएच विभाग में 6,485 मरीजों का उपचार किया गया. वहीं कैंसर विभाग में 282 मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त किया.
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा लोगों का भरोसा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मरीजों की बढ़ती संख्या अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, जांच सुविधाओं के विस्तार और बेहतर उपचार सेवाओं का परिणाम है. हालांकि बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, बेड और अन्य संसाधनों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है. इसके बावजूद छह माह में करीब चार लाख मरीजों का उपचार यह दर्शाता है कि डीएमसीएच आज मिथिला क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है.
