Darbhanga News: दरभंगा जिले के जाले प्रखंड अंतर्गत कतरौल-वसंत पंचायत के वसंत गांव से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहाँ एक युवती के पिछले पांच दिनों से रहस्यमय ढंग से लापता होने के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोगों ने खड़का जीरो माइल के समीप जाले-औराई मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया. युवती की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर 15 जून की शाम से शुरू हुआ यह सड़क जाम मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे तक जारी रहा.
चिलचिलाती धूप में डटी रहीं महिलाएं, जीविका में सीएम थी युवती
परिजनों ने बताया कि लापता युवती जीविका (Jivika) में कम्युनिटी मोबिलाइजर (CM) के पद पर कार्यरत थी. वह घर से एक आधिकारिक बैठक में शामिल होने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. पिछले पांच दिनों से उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है. सड़क जाम के दौरान चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़क पर डटे रहे और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की.
दो जिलों की पुलिस ने संभाला मोर्चा, दोनों तरफ लगी वाहनों की कतार
सड़क जाम होने के कारण जाले-औराई मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. चूंकि मामला दो जिलों की सीमा से जुड़ा था, इसलिए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जाले थाना पुलिस के साथ-साथ पड़ोसी जिले सीतामढ़ी के बोखरा थाना की पुलिस भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई.
पुलिस के लिखित आश्वासन के बाद करीब 18 घंटे बाद खुला जाम
दोनों थानों की पुलिस के संयुक्त प्रयास और काफी समझाने-बुझाने के बाद मंगलवार को करीब साढ़े 11 बजे सड़क जाम को समाप्त कराया जा सका. इस दौरान जाले और बोखरा थाने के एसआई भरत कुमार, मिथिलेश यादव एवं शिवजी कुमार सिंह ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर सक्रिय भूमिका निभाई. पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को इस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई करने और लापता जीविका कर्मी की खोजबीन के लिए विशेष टीम बनाकर छापेमारी तेज करने का ठोस आश्वासन दिया है.
