Darbhanga News: जिला आयोजना क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान-2045 के ड्राफ्ट की समीक्षा एवं सुझाव को लेकर शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त सह जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के अध्यक्ष हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दरभंगा के दीर्घकालिक एवं योजनाबद्ध विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए.
मेडिकल सिटी, आईटी कॉरिडोर और रिंग रोड को प्राथमिकता देने का सुझाव
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि मास्टर प्लान-2045 दरभंगा के भविष्य के विकास की आधारशिला साबित होगा. उन्होंने मेडिकल सिटी, एयरपोर्ट विस्तार, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, आईटी एवं स्टार्टअप कॉरिडोर, मखाना प्रोसेसिंग एवं एक्सपोर्ट हब, हेरिटेज टूरिज्म सर्किट, सैटेलाइट टाउनशिप, रिंग रोड, छह लेन मोबिलिटी कॉरिडोर और बाढ़ प्रबंधन को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया. साथ ही दरभंगा को "गेटवे टू मिथिला एंड नेपाल" के रूप में विकसित करने पर बल दिया.
जनप्रतिनिधियों ने भी रखे अपने सुझाव
विधायक मुरारी मोहन झा ने जिला आयोजना क्षेत्र के विस्तार की आवश्यकता बताई. विधायक राजेश कुमार मंडल ने सड़कों को मोटरेबल बनाने और यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया. वहीं, मेयर अंजुम आरा ने मास्टर प्लान में नगर निगम की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा डिप्टी मेयर नाजिया हसन ने नगर निगम क्षेत्र के विस्तार का सुझाव दिया.
वैज्ञानिक और दूरदर्शी विकास की जरूरत
प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए वैज्ञानिक और दूरदर्शी विकास की योजना बनाना समय की आवश्यकता है. जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि वर्ष 2019 में जिला आयोजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी की गई थी और वर्तमान में मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है.
186 राजस्व ग्राम होंगे शामिल, 17,400 एकड़ में बनेगी सैटेलाइट टाउनशिप
डीएम ने बताया कि 191.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले जिला आयोजना क्षेत्र में 186 राजस्व ग्राम शामिल हैं. प्रस्तावित मिथिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप करीब 17,400 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी. बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट मास्टर प्लान को अधिक व्यवहारिक, समावेशी और भविष्य उन्मुख बनाने पर सहमति बनी.
