Darbhanga Agriculture News: जिले में पिछले दो दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है. पूर्वी और दक्षिणी प्रखंडों के कुछ हिस्सों में हुई हल्की बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. हालांकि जिले के अधिकांश क्षेत्रों में अब भी अच्छी बारिश नहीं होने से किसान मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
किसान कर रहे धान की रोपाई
जिन किसानों ने पहले ही धान का बिचड़ा तैयार कर लिया है, वे अब सिंचाई के सहारे खेतों में रोपनी शुरू कर चुके हैं. छोटे और मझोले किसान बोरिंग एवं इलेक्ट्रिक पंप सेट के जरिए खेतों में पानी पहुंचाकर धान की रोपाई कर रहे हैं. वहीं बड़े किसान या तो पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं या फिर उनके खेतों में अभी धान का बिचड़ा पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है.
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खरीफ सीजन की तैयारी में जुटा कृषि विभाग
बारिश की अनिश्चितता के बीच कृषि विभाग भी खरीफ फसल की तैयारी में तेजी से जुट गया है. विभाग ने जिले के सभी प्रखंडों के लिए धान, मक्का, अरहर, उड़द, मूंग, मरुआ और अन्य दलहनी फसलों के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है.
जिले में खरीफ मौसम के दौरान कुल 1,05,830.3 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की खेती का लक्ष्य रखा गया है. इसमें सबसे अधिक 1,02,101 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
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धान की खेती पर सबसे ज्यादा जोर
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ मक्का के लिए 941.8 हेक्टेयर, अरहर के लिए 878.5 हेक्टेयर, उड़द के लिए 234.7 हेक्टेयर, मरुआ के लिए 1,125.8 हेक्टेयर, मूंग के लिए 180.8 हेक्टेयर तथा अन्य दलहनी फसलों के लिए 276 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य तय किया गया है.
प्रखंडवार आंकड़ों में बहेड़ी (10,016 हेक्टेयर), बिरौल (9,829 हेक्टेयर) और बेनीपुर (9,643 हेक्टेयर) धान उत्पादन के मामले में शीर्ष पर हैं. वहीं बहादुरपुर प्रखंड में 5,455 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है.
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किसानों को अनुदानित दर पर मिलेगा बीज
जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि खरीफ मौसम के लिए विभिन्न फसलों का लक्ष्य तय कर दिया गया है. धान के कुछ बीज जिले को प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें थोक विक्रेताओं के माध्यम से खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचाया जा रहा है.
किसानों के बीच बीज वितरण का निर्देश
उन्होंने बताया कि अन्य फसलों के बीज उपलब्ध कराने के लिए बीआरबीएन से संपर्क किया जा रहा है. साथ ही सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को शत-प्रतिशत अनुदानित दर पर किसानों के बीच बीज वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है. मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में जिले में धान रोपनी की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है.
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दरभंगा के बहादुरपुर से पुरुषोत्तम चौधरी की रिपोर्ट
