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कोरोना से हुई मौत का मुआवजे देने के लिए अधिकारी ने किया फोन, तो मृतक ने कहा- मैं जिंदा हूं...

बिहार में कोरोना से हुई मौत के आंकड़े को लेकर एक बार फिर अनियमितता उजागर हुई है. ताजा मामला पश्चिम चंपारण जिले का है. जानकारी के अनुसार यहां कोरोना से हुई मौत की सूची में ऐसे लोगों का नाम भी दर्ज हो गया है जो आज भी जिंदा हैं. अस्पताल की ओर से इस मामले को लेकर जांच बिठा दी गई है.

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
बिहार में कोरोना से मौत की संख्या से छेड़छाड़
बिहार में कोरोना से मौत की संख्या से छेड़छाड़
प्रभात खबर ग्राफिक्स

बेतिया. बिहार में कोरोना से हुई मौत के आंकड़े को लेकर एक बार फिर अनियमितता उजागर हुई है. ताजा मामला पश्चिम चंपारण जिले का है. जानकारी के अनुसार यहां कोरोना से हुई मौत की सूची में ऐसे लोगों का नाम भी दर्ज हो गया है जो आज भी जिंदा हैं. अस्पताल की ओर से इस मामले को लेकर जांच बिठा दी गई है.

सरकारी आंकड़े के अनुसार बिहार में कोरोना से लगभग 9500 से अधिक लोगों की मौत हुई है. राज्य सरकार ने कोरोना से हुई मौत पर परिजनों को मुआवजा दे रही है. इसके लिए जिलावार मृतकों की सूची बनायी गयी और उसे कोविड पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है, लेकिन, बेतिया के जीएमसीएच में तैनात कर्मियों ने एक ऐसे व्यक्ति का नाम मृतकों की सूची में डाल दिया, जो जिंदा हैं. जानकारी के अनुसार वो कोरोनाग्रस्त हुए थे, लेकिन इलाज के उपरांत सकुशल घर लौट आये और अब पूरी तरह स्वस्थ्य हैं.

इस बात का खुलासा तब हुआ जब बेतिया अंचल कार्यालय से पहले तो सीआई और उसके बाद सीओ ने उसके नंबर पर फोन किया. भारत सरकार के उपक्रम सेल में बतौर जूनियर टेक्निशियन काम करने वाले चंद्रशेखर पासवान को जब अंचल कार्यालय से फोन आया कि चंद्रशेखर पासवान के आश्रित से बात करनी है तो उन्होंने कारण पूछा. जब चंद्रशेखर पासवान को बताया गया कि उनकी मौत का मुआवजा देना है तो वो हैरान रह गये और कहा कि मैं जिंदा हूं. उनका जबाव सुन पदाधिकारी भी हक्का-बक्का रह गये.

बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले चंद्रशेखर पासवान छावनी मोहल्ले में किराये के घर पर रहते हैं. यहीं पर वह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. उन्होने बताया कि जब उन्हें फोन आया तो वह हैरान हो गए और पदाधिकारियों के पास जाकर कागजात दिखाया कि मैं जिंदा हूं. वहीं, इस बाबत जीएमसीएच के अस्पताल उपाधीक्षक श्रीकांत दुबे ने बताया कि एक ही नाम के दो व्यक्ति होने के कारण भूलवश लिस्ट में इनका नंबर आ गया था, जिसे सुधार लिया गया है. मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि जिन कर्मियों ने ऐसी गलती की है उनपर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.

Posted by Ashish Jha

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