Buxar News : बक्सर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसमें सुलह-समझौते के आधार पर कुल 1607 मामलों का निपटारा किया गया. वादों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल 10 बेंचों का गठन किया गया था. लोक अदालत में 9 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की समझौता राशि वाले मामलों का निपटारा हुआ.
दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार शुक्ला, जिला पदाधिकारी साहिला, पुलिस उपाधीक्षक, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रवीण कुमार श्रीनेत और अवर न्यायाधीश सह सचिव नेहा दयाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
बैंक रिकवरी के 790 मामलों का निपटारा
लोक अदालत में बैंक रिकवरी के 790, यातायात के 319, आपराधिक के 271, विद्युत विभाग के 193 और वैवाहिक विवाद के 28 मामलों का निष्पादन किया गया. इसके अलावा एनआइ एक्ट के पांच मामलों का भी सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा हुआ. बैंक से जुड़े मामलों में अकेले 9 करोड़ 12 लाख 39 हजार रुपये से अधिक की राशि पर समझौता हुआ.
लोक अदालत में दोनों पक्षों की होती है जीत
अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार शुक्ला ने कहा कि लोक अदालत में न कोई जीतता है और न कोई हारता है, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है. यह एक ही दिन में विवादों के समाधान का सबसे सुलभ माध्यम है. जिला पदाधिकारी ने लोक अदालत को राष्ट्रीय पर्व की संज्ञा देते हुए लोगों से इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की. सचिव नेहा दयाल ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों पर मुकदमों के बढ़ते बोझ को कम करना और आम लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है. यह जनता की अदालत है, जहां पक्षकारों की सहमति से अवार्ड पारित किया जाता है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मी मौजूद रहे.
