Buxar News (प्रशांत कुमार राय): ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला जल एवं स्वच्छता समिति, बक्सर द्वारा सोमवार को स्वच्छ-गांव, स्वच्छ-जलवायु’ अभियान का शुभारंभ किया गया. अभियान का उद्घाटन उप विकास आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम में स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया.
जनभागीदारी से ही बनेगा स्वच्छ और स्वस्थ समाज
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में जनभागीदारी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. यदि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग स्वच्छता के प्रति जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, तो गांवों को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना समय की आवश्यकता है। इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा.
अभियान के तहत चलेंगी कई जागरूकता गतिविधियां
बैठक के दौरान अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा और उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी. बताया गया कि अभियान के अंतर्गत गांवों में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, श्रमदान, कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.
इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के महत्व और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि गांवों में स्वच्छ जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके.
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की दी जानकारी
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए स्रोत स्तर पर उसका पृथक्करण अत्यंत आवश्यक है.
जैविक एवं अजैविक कचरे के अलग-अलग निस्तारण, पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) तथा ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्वच्छता कर्मियों से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया.
जन-आंदोलन बनाने की रणनीति पर चर्चा
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। इसके लिए ग्रामीण समुदाय, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, विद्यालयों, सामाजिक संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई.
अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ और हरित वातावरण का सपना तभी साकार होगा, जब समाज के सभी वर्ग मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे.
सामूहिक सहयोग का लिया संकल्प
कार्यक्रम में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के निदेशक, जिला समन्वयक स्वच्छता, जिला सलाहकार सीबी एंड आईईसी, जिला समन्वयक आईटीसी वाश इंस्टीट्यूट, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्वच्छता कर्मी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर सफलतापूर्वक लागू करने तथा स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल गांवों के निर्माण के लिए सामूहिक सहयोग का संकल्प लिया.
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