Buxar News (मृत्युंजय सिंह): पटना से पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन के बीच चलने वाली मेमू (MEMU) पैसेंजर ट्रेन की कछुआ चाल और लूप लाइन में घंटों खड़े रखने की नीति से दैनिक यात्री त्रस्त हो चुके हैं. गुरुवार को यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से चली, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा. आलम यह था कि महज 55 किलोमीटर का सफर तय करने में इस लोकल ट्रेन को लगभग चार घंटे लग गए.
एक्सप्रेस ट्रेनों को पास कराने के लिए मेमू को किया ‘किनारे’
जानकारी के अनुसार, यह मेमू पैसेंजर ट्रेन अपने तय समय शाम 5:00 बजे के बजाय ढाई घंटे की देरी से रात 7:30 बजे बक्सर स्टेशन पहुंची. बक्सर से मुगलसराय के लिए रवाना होने के बाद दरौली स्टेशन के पास रेल प्रशासन ने इसे लूप लाइन में खड़ा कर दिया. इस दौरान एक-दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन (6) एक्सप्रेस और वीआईपी ट्रेनों को पास कराया गया. इस भारी उपेक्षा के कारण ट्रेन रेंगती हुई रात 10:00 बजे जमानिया रेलवे स्टेशन पहुंच सकी.
यात्रियों का फूटा गुस्सा, दैनिक दिनचर्या प्रभावित
समय पर ट्रेन न चलने से सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और मजदूरों को हुई. बक्सर स्टेशन पर घंटों इंतजार करने के बाद परेशान यात्री मुन्ना, शकील, फरहान, गोपाल, रीता और सीता ने बताया कि इस रूट पर लोकल ट्रेनों का लेट होना अब रोज की बात हो गई है. समय पर न पहुंचने के कारण लोगों की नौकरियां खतरे में हैं और छात्रों की क्लास छूट रही है.
क्या है रेल प्रशासन की दलील?
लोकल ट्रेनों की लेत-लतीफी पर जब रेल अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने मुख्य मार्ग (मेन लाइन) के व्यस्त होने का हवाला दिया. अधिकारियों का कहना है कि व्यस्त रूट होने के कारण नियमों के तहत प्राथमिकता के आधार पर एक्सप्रेस ट्रेनों को पहले पास कराया जाता है, जिसकी वजह से पैसेंजर ट्रेनों को लूप लाइन में रोकना पड़ता है. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि यात्रियों की सुविधा के लिए समय सारणी को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है.
सुधार नहीं हुआ तो होगा धरना-प्रदर्शन : रेल यात्री कल्याण समिति
इस गंभीर समस्या पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रेल यात्री कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर सिंह ने रेल प्रशासन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि पैसेंजर ट्रेनों को भगवान भरोसे छोड़कर एक्सप्रेस ट्रेनों को तरजीह दी जा रही है, जिससे आम गरीब यात्रियों की फजीहत हो रही है. सुधीर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, यदि रेल प्रशासन ने पैसेंजर ट्रेनों के समय सारणी के अनुसार संचालन में जल्द सुधार नहीं किया, तो समिति आम यात्रियों के साथ मिलकर उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी.
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