बक्सर के डुमरांव से सुजीत कुमार ओझा की रिपोर्ट
Buxar News : पटना-डीडीयू रेलखंड पर स्थित डुमरांव रेलवे स्टेशन, राजस्व के मामले में बक्सर के बाद दूसरे स्थान पर माना जाता है. इसके बावजूद यहां यात्रियों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय यात्रियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है.
प्लेटफॉर्म की कम ऊंचाई से बढ़ा हादसों का खतरा
यात्रियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो की ऊंचाई मानकों के अनुरूप नहीं है. इसके कारण ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान आए दिन हादसे होते रहते हैं. कई बार यात्री पैर फिसलने से प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की ओर रेलवे प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है.
फुट ओवरब्रिज पर शेड नहीं, यात्रियों की परेशानी बढ़ी
स्टेशन पर वर्षों पूर्व बनाए गए फुट ओवरब्रिज पर अब तक शेड की व्यवस्था नहीं की गई है. इसके कारण यात्रियों को तेज धूप, भीषण गर्मी और बारिश में भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. यात्रियों उपेंद्र मिश्रा, सोनू मिश्रा, अजय राय, सुरेंद्र ओझा, बिमलेश ओझा, राजकुमार गोंड और खुशी कुमारी ने बताया कि भारी सामान के साथ प्लेटफॉर्म तक पहुंचना या बाहर निकलना बेहद कठिन हो जाता है.
यात्री शेड की कमी से भी दिक्कतें
स्टेशन परिसर में यात्री शेड की कमी के कारण ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को खुले में धूप और बारिश के बीच खड़ा रहना पड़ता है. प्रतिदिन आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए यहां से यात्रा करते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं.
स्टेशन के बाहर जाम से यात्रियों को परेशानी
डुमरांव स्टेशन के बाहर मुख्य सड़क पर अनियंत्रित यातायात भी बड़ी समस्या बन गया है. ऑटो और ठेलों के अवैध रूप से खड़े रहने के कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. इससे यात्रियों को समय पर स्टेशन पहुंचने में देरी होती है और कई बार उनकी ट्रेन भी छूट जाती है.
सुधार की मांग तेज
स्थानीय यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने, फुट ओवरब्रिज पर शेड लगाने, यात्री शेड की संख्या बढ़ाने तथा स्टेशन के बाहर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि राजस्व देने वाले इस महत्वपूर्ण स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिल सके.
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