Buxar News (सुजीत ओझा) : मुरार थाना क्षेत्र के ओझा बरांव गांव में बुधवार को आपसी विवाद ने तनावपूर्ण रूप ले लिया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की समय पर हस्तक्षेप से एक बड़ा हादसा टल गया.
ग्रामीण हरेंद्र नाथ ओझा ने आरोप लगाया है कि झारखंड के चतरा जिले में पीसीआर शाखा में तैनात दारोगा गंगा सागर ओझा 15 से 20 हथियारबंद बाउंसरों के साथ गांव पहुंचे और उनकी निजी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया।
मुरार थाना में दोनों पक्षाों की हो चुकी है बैठक
पीड़ित पक्ष के अनुसार, विवादित जमीन को लेकर उसी दिन मुरार थाना में दोनों पक्षों की बैठक हुई थी, जिसमें यथास्थिति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक के निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद आरोप है कि दूसरे पक्ष ने मौके पर पहुंचकर हरे पेड़ कटवाए और रास्ता बनाने के साथ मिट्टी भराई का काम शुरू करा दिया.
पुलिस के आने से पहले दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए
विरोध करने पर हथियार लहराने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं. घटना की सूचना मुरार थाना और डायल 112 को दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई.
एक पक्ष लाठी-डंडों के साथ और दूसरा हथियारों के साथ मौजूद था, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई. बाद में मुरार थाना की गश्ती टीम और थानाध्यक्ष नेहा कुमारी मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को शांत कराया.
एसडीपीओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जब तक जमीन की नापी नहीं हो जाती, तब तक वहां किसी भी प्रकार का निर्माण या कार्य नहीं किया जाएगा. वहीं, डुमरांव एसडीपीओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं.
Also Read: घर के पास मिला था युवक का शव, अब आरोपी को मिली उम्रकैद
