ब्रह्मपुर (बक्सर) से संतोष कांत की रिपोर्ट
Buxar News: स्थानीय नगर पंचायत कार्यालय परिसर में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर जनता की समस्याओं के समाधान से अधिक नगर क्षेत्र की बदहाल बुनियादी सुविधाओं का आईना बन गया. शिविर में कुल 31 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक आवेदन नल-जल योजना की अव्यवस्था और बिजली विभाग की कार्यशैली से संबंधित थे. लोगों ने पानी की किल्लत, फटी पाइपलाइन, अनियमित जलापूर्ति, स्मार्ट मीटर से बढ़े बिजली बिल और जर्जर विद्युत तारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया.
सुबह 11 बजे शुरू हुए शिविर में विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, समस्याओं का अंबार भी बढ़ता गया. सबसे अधिक नाराजगी पेयजल आपूर्ति और बिजली व्यवस्था को लेकर देखने को मिली.
नल-जल योजना पर सवाल, पानी को तरस रहे लोग
वार्ड संख्या 04, 07 और 11 के निवासियों ने संयुक्त आवेदन देकर नल-जल योजना की खामियों को उजागर किया. लोगों का आरोप था कि जलापूर्ति का कोई निश्चित समय नहीं है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है. कई स्थानों पर पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है, जबकि दूसरी ओर लोग पीने के पानी के लिए चापाकलों पर निर्भर हैं.
वार्ड पार्षदों ने यह भी शिकायत की कि संवेदक द्वारा पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है.
स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द, मनमाने बिल से उपभोक्ता परेशान
विद्युत विभाग के काउंटर पर भी शिकायतकर्ताओं की लंबी कतार लगी रही. अधिकांश उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायत दर्ज कराई. लोगों का कहना था कि घर में सीमित बिजली उपयोग के बावजूद हजारों रुपये का बिल भेजा जा रहा है.
कई बुजुर्ग महिलाओं ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक पंखा और कुछ बल्ब जलाने के बावजूद भारी-भरकम बिल थमा दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है.
जर्जर हाईटेंशन तारों से हादसे का डर
वार्ड संख्या 09 के निवासियों ने मोहल्ले के ऊपर से गुजर रहे जर्जर और लटकते हाईटेंशन तारों को बदलने की मांग की. उनका कहना था कि बरसात और तेज हवा के दौरान इन तारों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
एक सप्ताह में समाधान नहीं तो होगी जवाबदेही तय
नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी शिव शक्ति कुमार ने शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों की समीक्षा की. कुछ सामान्य मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जबकि तकनीकी शिकायतों को संबंधित विभागों के कनीय अभियंताओं के पास भेजा गया. सभी 31 शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कर लिया गया है.
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि नल-जल योजना और बिजली विभाग से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह की समय-सीमा निर्धारित की गई है. निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर वरीय अधिकारियों को पत्र लिखकर संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी.
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