बक्सर में PTM का आयोजन: डुमरांव-नुआंव स्कूल में अभिभावकों संग संवाद, बच्चों की प्रगति और अनुशासन पर जोर

डुमरांव के नुआंव स्कूल में आयोजित PTM में अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों के शैक्षणिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और अनुशासन पर मंथन किया. त्रैमासिक परीक्षा परिणामों की घोषणा के साथ ही बच्चों में उत्साह दिखा.

Buxar PTM Meeting Held : शिक्षा विभाग की पहल पर शनिवार को डुमरांव के नुआंव स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया. "समावेशी शिक्षा : हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण" विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सीधा संवाद हुआ. बैठक की अध्यक्षता नव पदस्थापित प्रधानाध्यापक डॉ संतोष ओझा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पंचायत मुखिया मंजू देवी और सेवानिवृत्त शिक्षक राजू कुमार मौजूद रहे.

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानाध्यापक डॉ ओझा ने अभिभावकों को शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और दिशा-निर्देशों की जानकारी विस्तार से दी. उन्होंने बताया कि सरकार बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ तभी मिल सकता है जब अभिभावक भी सक्रिय भूमिका निभाएं.

Buxar Education News : त्रैमासिक परीक्षा परिणाम घोषित, बच्चों में उत्साह

बैठक के दौरान विद्यालय की त्रैमासिक परीक्षा का परिणाम भी घोषित किया गया. जैसे ही छात्रों को उनका रिपोर्ट कार्ड मिला, उनके चेहरों पर खुशी साफ नजर आई. अभिभावकों ने भी बच्चों के प्रदर्शन को देखा और शिक्षकों से उनके भविष्य को लेकर चर्चा की.

मुख्य अतिथि मंजू देवी ने इस मौके पर कहा कि विद्यालय के विकास में ग्रामीण समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है. उन्होंने प्रधानाध्यापक द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई में नियमित ध्यान दें.

पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता

बैठक में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया. "जल-जीवन-हरियाली" अभियान के तहत "एक पेड़ मां के नाम" पहल की शुरुआत की गई. इसके तहत छात्रों और उनके अभिभावकों को अपने घर और आसपास पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया गया.

शिक्षकों ने बताया कि पर्यावरण बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है और बच्चों को इस दिशा में जागरूक बनाना बेहद जरूरी है.

अनुशासन और नियमों पर सख्ती

विद्यालय प्रशासन ने छात्रों के हित में कुछ महत्वपूर्ण संकल्प भी रखे. इसमें स्कूल परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाने, निर्धारित ड्रेस कोड में आने और कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कही गई.

प्रधानाध्यापक ने अभिभावकों से इन नियमों को लागू कराने में सहयोग मांगा. उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अनुशासन सबसे जरूरी है.

बड़ी संख्या में अभिभावकों की भागीदारी

इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक श्रवण कुमार मिश्र, आलोक कुमार, सोनम, नमिता, धर्मेंद्र सिंह और जमाल समेत कई शिक्षक मौजूद रहे. वहीं चंदन पाल और जयकृष्ण यादव सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए.


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By Onkar nath mishra

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