Buxar News : बक्सर जिले में लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. रविवार को तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया. बारिश से मिली राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और अब बढ़ते तापमान के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है.
37 डिग्री पहुंचा तापमान, रात में भी नहीं मिली राहत
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिन और रात के तापमान में केवल छह डिग्री का अंतर रहने के कारण लोगों को रात में भी गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल सकी. शनिवार शाम से ही मौसम में उमस बढ़ने लगी थी, जिसका असर रविवार को पूरे दिन देखने को मिला.
बारिश से मिली राहत अब पड़ रही कम
पिछले तीन दिनों की बारिश से तापमान घटकर करीब 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली थी. वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश फायदेमंद साबित हुई थी, क्योंकि धान की रोपनी के लिए खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया था और कई क्षेत्रों में रोपाई का काम तेज हो गया था.
खेतों से सूखने लगा पानी, किसानों की बढ़ी चिंता
रविवार को तेज धूप निकलने के बाद खेतों में जमा पानी तेजी से सूखने लगा है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की रोपनी प्रभावित हो सकती है. साथ ही नवरोपित धान की फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है.
शहर से गांव तक उमस से लोग परेशान
तेज उमस का असर शहर और गांव दोनों जगह साफ दिखाई दे रहा है. घरों में कूलर और पंखे भी राहत नहीं दे पा रहे हैं. बाजार, बस स्टैंड और सरकारी कार्यालयों में लोग बार-बार पानी पीकर गर्मी से बचने का प्रयास करते नजर आए. पसीने और चिपचिपाहट के कारण लोगों को दिनभर थकान महसूस हुई.
सोमवार को बूंदाबांदी के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मानसून का प्रभाव कमजोर रहने की संभावना है. हालांकि सोमवार को आंशिक बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, जिससे तापमान घटकर करीब 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. इसके बावजूद तेज धूप और उमस का दौर फिलहाल जारी रहने के आसार हैं.
डॉक्टरों की सलाह, धूप से बचें और खूब पानी पिएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है. फिलहाल जिले के लोगों की निगाहें एक बार फिर मानसून की सक्रिय वापसी पर टिकी हुई हैं.
