बक्सर में सूखने लगे चापाकल, धान की रोपनी के बीच गहराया जल संकट, किसानों की बढ़ी चिंता

रोहतास जिले के राजपुर प्रखंड में बारिश न होने से गंभीर जल संकट पैदा हो गया है. धान की रोपनी के लिए खेतों की सिंचाई हेतु भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे कई गांवों में चापाकल सूख गए हैं. प्रशासन ने लोगों से पानी का सदुपयोग करने का आग्रह किया है.

Buxar News : रोहतास जिले के राजपुर प्रखंड में बारिश की कमी के कारण जल संकट गहराने लगा है. धान की रोपनी के लिए किसान इलेक्ट्रिक मोटर और डीजल इंजन से लगातार सिंचाई कर रहे हैं, जिससे भूजल स्तर तेजी से नीचे चला गया है. कई गांवों में चापाकल जवाब देने लगे हैं और संरक्षित कुओं का जलस्तर भी काफी घट गया है. प्रशासन ने लोगों से पानी का सदुपयोग करने और नहर से सिंचाई करने की अपील की है.

धान की रोपनी के लिए दिन-रात चल रहे मोटर

प्रखंड के अधिकांश गांवों में इन दिनों धान की रोपनी का कार्य चल रहा है. तेज धूप और अधिक तापमान के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है. ऐसे में किसान इलेक्ट्रिक मोटर और डीजल इंजन के सहारे सिंचाई कर रहे हैं. एक बीघा खेत की सिंचाई में आठ से दस घंटे तक का समय लग रहा है, जिससे भूजल का दोहन लगातार बढ़ रहा है.

कई गांवों में चापाकल और कुओं का जलस्तर घटा

राजपुर पश्चिमी क्षेत्र के कोनौली, खीरी, नागपुर, कजरिया, मंगराव, संगराव, रामपुर समेत कई गांवों में चापाकलों से पानी निकलना बंद हो गया है. वहीं संरक्षित कुओं का जलस्तर भी काफी नीचे चला गया है. ग्रामीणों का कहना है कि पहले सावन शुरू होने से पहले ही अच्छी बारिश हो जाती थी, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती थी, लेकिन इस बार बारिश सामान्य से काफी कम हुई है.

जलवायु परिवर्तन का दिख रहा असर

ग्रामीणों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन का असर खेती और जल स्रोतों पर साफ दिखाई दे रहा है. आषाढ़ बीत जाने और सावन शुरू होने के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं. कृषि विशेषज्ञ भी इस स्थिति को चिंताजनक मान रहे हैं.

दो दिन बाद बारिश की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में सामान्य बारिश होने की संभावना है. हालांकि मानसून की ट्रफ लाइन खिसकने के कारण सावन में भी तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है, जिससे गर्मी और जल संकट की समस्या बढ़ गई है.

बीडीओ ने पानी बचाने की अपील की

राजपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है. किसानों को फिलहाल नहर के पानी से सिंचाई करने की कोशिश करनी चाहिए और नल-जल योजना के पानी का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए. उन्होंने लोगों से घरों के पास सोखता बनाने और वर्षा जल संचयन करने की अपील की. साथ ही चेतावनी दी कि जल संकट को देखते हुए यदि कोई व्यक्ति अनावश्यक रूप से बोरिंग चलाते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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By Kamal pankaj

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