Buxar News : (शालीग्राम दूबे) स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के फुलिमिश्र के डेरा गांव एवं केशोपुर गांव के समीप गंगा नदी में हो रहे भीषण कटाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. बाढ़ से पहले ही तटवर्ती इलाकों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से कटाव निरोधक कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है.
गौरतलब है कि बाढ़ के समय हर वर्ष दियारा क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. कटाव के कारण जहां किसानों की उपजाऊ जमीन गंगा में समा जाती है, वहीं कई बार घरों पर भी खतरा मंडराने लगता है. बक्सर-कोइलवर तटबंध से गंगा नदी की दूरी मात्र लगभग सौ गज रह जाने से स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है.
300 मीटर क्षेत्र में चल रहा सुरक्षा कार्य
बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 300 मीटर लंबे और 9 मीटर चौड़े क्षेत्र में मानक के अनुरूप कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है. इस परियोजना पर लगभग 3 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत आ रही है.
जियो बैग और लॉन्चिंग एप्रन से मजबूत हो रहा तटबंध
तट की सुरक्षा के लिए स्लोप पिचिंग के साथ-साथ लॉन्चिंग एप्रन और जियो बैग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे गंगा के तेज बहाव को नियंत्रित कर कटाव रोकने में मदद मिलेगी.
ग्रामीणों में राहत, खतरे में कमी की उम्मीद
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते कार्य शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है. उनका कहना है कि अगर यह कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा हो जाता है तो कटाव से होने वाले बड़े नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकेगा.
ग्रामीण पवन कुमार, दिनेश मिश्र, रोहित कुमार और राजीव यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि बाढ़ पूर्व यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है और इससे दियारा क्षेत्र के लोगों को स्थायी सुरक्षा मिलने की उम्मीद है.
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