Buxar News (सुजीत कुमार ओझा): भीषण गर्मी के बीच पिछले कई दिनों से चरमराई डुमरांव अनुमंडल की विद्युत व्यवस्था अब धीरे-धीरे सुधरती नजर आ रही है. रविवार शाम से लगातार हो रही बिजली ट्रिपिंग पर फिलहाल काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है, जिससे उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है. इस समस्या को लेकर प्रभात खबर ने प्रमुखता के साथ सोमवार को प्रकाशित किया था, जिसके बाद विभाग के द्वारा एक्शन लिया गया.
सोमवार को डुमरांव शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक स्थिर दिखाई दी. पिछले एक पखवारे से डुमरांव शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई थी. दिन-रात लगातार ट्रिपिंग और कटौती से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था. छोटे कारोबारी, छात्र और गर्मी से परेशान आम लोग सबसे अधिक परेशानी झेल रहे थे. कई इलाकों में हर कुछ मिनट पर बिजली का आना-जाना आम बात बन गई थी.
फील्ड में उतरी विभागीय टीम, फॉल्ट सुधार में तेजी
बढ़ती शिकायतों और सिस्टम पर बढ़ते दबाव को देखते हुए बिजली विभाग ने मोर्चा संभाल लिया है. सहायक विद्युत अभियंता अर्जुन वर्मा और जितेंद्र कुमार ने बताया कि बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ गई थी, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त लोड पड़ा और ट्रिपिंग की समस्या बढ़ी. उन्होंने बताया कि विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में काम कर रहा है. सभी तकनीकी कर्मियों, लाइनमैन और मिस्त्रियों को फील्ड में तैनात किया गया है ताकि किसी भी फॉल्ट को तत्काल ठीक किया जा सके. विभागीय सक्रियता का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अपेक्षाकृत स्थिर हुई है.
शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष व्यवस्था
बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए भी विशेष व्यवस्था लागू की है. अधिकारियों ने टोल-फ्री नंबर पर तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि उपभोक्ताओं का फोन पहली बार में ही रिसीव किया जाए और शिकायत तुरंत संबंधित कर्मियों तक पहुंचाई जाए. नया भोजपुर के कनीय विद्युत अभियंता जितेंद्र कुमार और डुमरांव टाउन के कनीय विद्युत अभियंता मोहम्मद इम्तियाज ने बताया कि जहां भी तकनीकी खामी की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल टीम भेजकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है. विभाग का दावा है कि शिकायतों के समय पर समाधान से उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा.
लोड मैनेजमेंट पर विशेष फोकस
अधिकारियों के अनुसार, बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत अचानक बढ़ी, जिससे ट्रांसफॉर्मरों और फीडरों पर दबाव बढ़ गया था. अब लोड मैनेजमेंट और तकनीकी सुधार के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ट्रिपिंग की समस्या कम हो सके. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि सोमवार को स्थिति में सुधार जरूर दिखा, लेकिन विभाग को नियमित मेंटेनेंस और निगरानी पर स्थायी रूप से ध्यान देना होगा ताकि आगे ऐसी परेशानी दोबारा न हो.
सिमरी ग्रिड में भी सुधार, ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी राहत
सिमरी ग्रिड से जुड़े उपभोक्ता भी पिछले कई दिनों से बिजली की आंख-मिचौली से परेशान थे. कनीय विद्युत अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि तीन-चार दिन पहले पुराना भोजपुर के पास खेल के दौरान एक बच्चे द्वारा 33 हजार वोल्ट के तार पर दूसरा तार फेंक दिए जाने से बड़ा फॉल्ट हो गया था. इसी लाइन से डुमरांव ग्रीड से सिमरी ग्रिड को बिजली आपूर्ति होती है. घटना के कारण दोनों ग्रिड में ब्लास्ट हुआ और कई स्थानों पर जंपर कट गए थे. विभाग ने अधिकांश तकनीकी खामियों को दुरुस्त कर लिया है और अब आपूर्ति सामान्य करने का कार्य तेजी से जारी है.
उन्होंने बताया कि सिमरी ग्रिड की क्षमता फिलहाल 20 मेगावाट है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति करने वाले न्यू फीडर पर पांच एमवीए का ट्रांसफॉर्मर होने के कारण अधिक लोड होने के कारण ट्रिपिंग की समस्या सामने आ रही थी. इस समस्या के समाधान के लिए न्यू फीडर को पड़री फीडर से अटैच कर दिया गया है. इससे भकुरा, छोटका सिंहनपुरा, बड़का सिंहनपुरा, खरहाटाड़, चुननीटाड़ समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति अधिक सुचारू होने की उम्मीद जताई जा रही है. विभागीय अधिकारियों ने दावा किया है कि अब उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी.
Also Read: कजरिया गांव में हनुमंत महायज्ञ शुरू, चौसा महादेवा घाट से निकली भव्य कलश यात्रा
