Buxar Doctor Misconduct: अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में मंगलवार की सुबह बच्चे के इलाज को लेकर पहुंचे एक युवक पर महिला चिकित्सक से गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और धमकी देने का आरोप लगा. घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सकों में आक्रोश फैल गया. विरोध में चिकित्सकों ने करीब एक घंटे तक ओपीडी सेवा बंद कर दी और सभी चिकित्सक उपाधीक्षक के चेंबर में जाकर बैठ गये. इससे इलाज के लिए दूर-दराज से पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे सोनू सिंह
बताया जाता है कि अरियांव निवासी सोनू सिंह एक बच्चे को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे थे. उस समय चिकित्सक अपने-अपने ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे. सोनू सिंह ने महिला जीएनएम से बच्चे के डॉक्टर के बारे में पूछा. जीएनएम ने उन्हें बताया कि बच्चों के चिकित्सक पीछे स्थित एमएनसीयू में हैं और वहां जाकर बच्चे को दिखाने की बात कही.
महिला चिकित्सक से अभद्रता और धमकी का आरोप
चिकित्सकों की ओर से दिये गये सामूहिक आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ देर बाद सोनू सिंह वापस ओपीडी में आए और उनके साथ तथा महिला चिकित्सक के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज करने लगे. आरोप है कि युवक ने महिला चिकित्सक से कहा, ''इधर-उधर दौड़ा रही हो, हमको पहचानती नहीं हो.'' इसके बाद कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकी भी दी गयी.
चिकित्सकों ने सामूहिक आवेदन में कहा है कि इस तरह के व्यवहार के बीच उनके लिए अस्पताल में काम करना मुश्किल हो गया है. घटना की जानकारी मिलते ही अन्य चिकित्सक भी महिला चिकित्सक के समर्थन में ओपीडी छोड़कर उपाधीक्षक के चेंबर में पहुंच गये. चिकित्सकों का कहना था कि यदि अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों के साथ मरीज या उनके परिजन इस तरह गाली-गलौज और अभद्रता करेंगे, तो भयमुक्त माहौल में इलाज करना मुश्किल होगा.
थानाध्यक्ष की पहल पर दोबारा शुरू हुई ओपीडी
ओपीडी बंद होने की सूचना पर डुमरांव थानाध्यक्ष संजय सिन्हा अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से बातचीत की. उन्होंने चिकित्सकों को समझा-बुझाकर ओपीडी सेवा दोबारा शुरू करायी. इसके बाद करीब एक घंटे से बाधित मरीजों का इलाज शुरू हो सका. ओपीडी बंद रहने के दौरान अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा.
चिकित्सकों ने उपाधीक्षक को दिया सामूहिक आवेदन
घटना को लेकर अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सकों ने सामूहिक रूप से अस्पताल उपाधीक्षक को लिखित आवेदन देकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है. चिकित्सकों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता.
क्या कहते हैं उपाधीक्षक
अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. शिवकुमार चौधरी ने कहा कि मरीज या उनके परिजनों द्वारा महिला चिकित्सक के साथ गाली-गलौज अथवा अभद्र भाषा का प्रयोग करना कहीं से भी उचित नहीं है. मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
