Buxar News : बाढ़ को लेकर पिछले एक सप्ताह से दहशत में रह रहे लोगों के लिए सोमवार को राहत की खबर सामने आयी. गंगा नदी का तेवर अब शांत पड़ने लगा है और जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. हालांकि, पानी घटने की रफ्तार काफी धीमी होने के कारण प्रभावित इलाकों में लोगों की दुश्वारियां अभी पूरी तरह कम नहीं हुई हैं.
खतरे के निशान से नीचे पहुंचा गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार उतार-चढ़ाव के बाद गंगा का जलस्तर लगातार घट रहा है. सोमवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया. जिले में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का स्तर 60.32 मीटर निर्धारित है.
सुबह चार घंटे तक स्थिर रहा जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 60.19 मीटर दर्ज किया गया. आयोग के अनुसार इससे पहले चार घंटे तक जलस्तर स्थिर बना हुआ था. सुबह का जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर नीचे था.
शाम तक दो सेंटीमीटर और घटा पानी
शाम 6 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर और घटकर 60.17 मीटर पर पहुंच गया. आयोग के मुताबिक नदी अब चार घंटे में करीब एक सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रही है. इस तरह गंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे बह रही है. जलस्तर में गिरावट प्रशासन के साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भी राहत की खबर है.
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दियारा क्षेत्र में कम होने लगा बाढ़ का पानी
गंगा के जलस्तर में गिरावट के साथ ही सिमरी, ब्रह्मपुर और चक्की के दियारा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का पानी कम होने लगा है. कई जगहों पर खेतों से भी पानी धीरे-धीरे घट रहा है, हालांकि अभी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है.
कई गांवों का आवागमन अब भी प्रभावित
सदर प्रखंड के गोविंदपुर, लरई, कोड़रवा, हरिपुर समेत कई गांवों का आवागमन अब भी बाधित है. ग्रामीणों को बाहर निकलने के लिए रास्ता बदलकर जाना पड़ रहा है या फिर नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. पानी घटने के बावजूद सामान्य आवागमन बहाल होने में अभी समय लग सकता है.
तटबंध और बाढ़ नियंत्रण कक्ष पर प्रशासन की नजर
गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. बक्सर-कोइलवर तटबंध की पेट्रोलिंग जारी है. नावों का परिचालन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके.
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