Bihar News: (प्रशांत कुमार राय) बक्सर सदर अंचल कार्यालय में भूमि मापी सहित राजस्व से जुड़े कार्यों को लेकर आम रैयतों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. स्थिति यह है कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी जमीन की मापी करानी है तो उसे लगभग एक माह तक इंतजार करना पड़ रहा है. वहीं अन्य राजस्व कार्यों के लिए भी लोगों को सीधे कर्मचारियों से मिलने के बजाय उनके मुंशी या खुद को राजस्व मित्र बताने वाले लोगों के माध्यम से काम कराना पड़ रहा है.
जासो पंचायत में संविदा अमीन संभाल रहे जिम्मेदारी
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जासो पंचायत जैसे महत्वपूर्ण पंचायत में नियमित राजस्व कर्मचारी होने के बावजूद संविदा अमीन से राजस्व कर्मचारी का कार्य कराया जा रहा है. इससे कार्य प्रणाली और जवाबदेही दोनों पर सवाल उठ रहे हैं. यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो कार्रवाई किसके खिलाफ होगी, इसे लेकर भी लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
कार्यालय में दिखी अलग व्यवस्था
जब प्रभात खबर की टीम जासो पंचायत सरकार भवन स्थित राजस्व कर्मचारी कार्यालय पहुंची तो वहां अलग ही स्थिति देखने को मिली. कार्यालय में रैयतों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियों पर तथाकथित राजस्व मित्र और मुंशी बैठे हुए थे. आम लोग अपने कार्य को लेकर पहुंच रहे थे, लेकिन उन्हें सीधे कर्मचारी से बात कराने के बजाय इशारों-इशारों में मुंशी से मिलने को कहा जा रहा था. इससे लोगों में नाराजगी देखी गई.
सात पद के बदले केवल तीन अमीन
सदर अंचल में अमीन के कुल सात पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में केवल तीन अमीन कार्यरत हैं. इनमें से एक का तबादला हो चुका है और एक संविदा अमीन हैं. जानकारी के अनुसार, राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान जासो पंचायत का प्रभार संविदा अमीन प्रभात को दिया गया था. अन्य पंचायतों में पंचायत सचिव और अन्य कर्मियों को भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
हालांकि 12 मई को हड़ताल समाप्त होने के बाद अधिकांश पंचायतों से अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया, लेकिन जासो पंचायत में अब भी संविदा अमीन से ही राजस्व कर्मचारी का कार्य कराया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, 13 मई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी हड़ताल समाप्त होने के बाद संविदा कर्मियों से प्रभार वापस लेने पर चर्चा हुई थी.
81 आवेदन अब भी लंबित
सदर अंचल में वर्तमान समय में भूमि मापी के 81 आवेदन लंबित हैं. अमीन सुनील कुमार ने बताया कि 5 जून तक मापी की तिथि पहले से निर्धारित है. उन्होंने कहा कि एक दिन में केवल एक मापी का कार्य पूरा हो पाता है, जिसके कारण आवेदन लंबित हो रहे हैं.भूमि विवाद और सीमांकन से जुड़े मामलों में समय पर मापी नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. कई लोग बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
क्या बोले सदर सीओ
इस संबंध में सदर सीओ राहुल कुमार ने कहा कि संविदा अमीन को नया प्रभार नहीं दिया गया है. हड़ताल के दौरान उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई थी. हड़ताल समाप्त होने के बाद भी बेहतर कार्य को देखते हुए कुछ दिनों के लिए उन्हें कार्य करने दिया गया है. उन्होंने बताया कि सदर अंचल में कुल 16 पंचायत हैं, जबकि मात्र छह राजस्व कर्मचारी कार्यरत हैं. हड़ताल के कारण कई कार्य लंबित हो गए थे, जिनके निष्पादन के लिए यह व्यवस्था की गई है. साथ ही उन्होंने कहा कि सभी राजस्व कर्मचारियों को पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि यदि किसी मुंशी या दलाल की शिकायत मिलती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
एडीएम ने दिए जांच के निर्देश
एडीएम अरुण कुमार ने कहा कि जासो जैसे महत्वपूर्ण पंचायत का कार्य संविदा अमीन से कराना उचित नहीं है. वहीं मुंशी और दलालों की भूमिका को लेकर उन्होंने भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बक्सर को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
