Buxar News : श्री श्री 1008 ब्रह्मलीन दंडी स्वामी देवानंद सरस्वती जी की पावन स्मृति में स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धापूर्वक हुआ. कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
भागवत कथा जीवन को देती है सही दिशा कथावाचक पूज्य उमेश ओझा जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य साधना है. उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संचार होता है तथा वह सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ता है.
आध्यात्मिक शांति और संस्कारों का संदेश उमेश ओझा ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती भौतिकता और तनाव के बीच भागवत कथा आत्मिक शांति का सबसे प्रभावी माध्यम है. भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और आदर्शों का अनुसरण करने से व्यक्ति के जीवन में प्रेम, करुणा, सेवा, समर्पण और नैतिक मूल्यों का विकास होता है.
सात दिनों तक चलेगा ज्ञानयज्ञ कथा प्रारंभ होने से पूर्व वैदिक आचार्यों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं मंगलाचरण कराया. आयोजन समिति ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी. समिति के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का प्रसार करना है, ताकि अधिक से अधिक लोग धर्म और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ सकें.
