Buxar News : (विनोद कुमार सिंह) मुस्लिम धर्मावलंबियों का दूसरा सबसे पवित्र त्योहार ‘ईद-उल-जुहा’ (बकरीद) गुरुवार को चौसा नगर पंचायत समेत पूरे प्रखंड क्षेत्र में बेहद अकीदत, पारंपरिक उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया. अल्लाह की राह में त्याग और कुर्बानी के इस पर्व को लेकर सुबह से ही क्षेत्र के मुस्लिम बहुल इलाकों में भारी चहल-पहल देखी गई.
मस्जिदों में उमड़ी भीड़, गले मिल दी मुबारकबाद
सुबह से ही नमाजी नए-नए वस्त्र पहनकर मस्जिदों की ओर रवाना होने लगे थे. चौसा जामा मस्जिद समेत बनारपुर, जलीलपुर, चुन्नी, बुढ़ाडीह और सरेंजा जैसे तमाम ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करने के लिए अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी.
नमाज संपन्न होने के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की दिली मुबारकबाद दी. इस दौरान देश में अमन, चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं. नमाज के बाद घरों में कुर्बानी की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद सेवइयों और अन्य लजीज पकवानों का दौर चला. त्योहार को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखा गया और बाजारों में भी अच्छी-खासी रौनक नजर आई.
दिखी कौमी एकता की मिसाल, प्रशासन रहा मुस्तैद
त्याग और समर्पण के इस पर्व पर चौसा में गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब अन्य समुदाय के लोगों ने भी अपने मुस्लिम भाइयों के घर पहुंचकर उन्हें गले लगाया और त्योहार की बधाई दी.
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट और मुस्तैद नजर आया. प्रखंड क्षेत्र की सभी प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों एवं संवेदनशील चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. अंचलाधिकारी नीलेश कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और विधि-व्यवस्था पर नजर बनाए रखी. प्रशासन की सतर्कता और लोगों के सहयोग से पूरा पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन की पुख्ता व्यवस्था और तत्परता की सराहना की.
Also Read : घर में घुसकर दलित परिवार की पिटाई, महिला का मंगलसूत्र छीना
