Buxar News : (मनीष कुमार मिश्रा) त्याग, समर्पण और बलिदान के पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर गुरुवार को बक्सर जिले में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में नमाज अदा की गई. जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण इलाकों की मस्जिदों और ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज पढ़ी और देश में अमन-चैन, भाईचारा तथा खुशहाली की दुआ मांगी.
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी. पूरे जिले में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला.
सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी
शहर की बड़ी मस्जिद सहित दर्जनों छोटी-बड़ी मस्जिदों में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी. नमाज से पहले इमामों ने ईद-उल-अजहा की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देता है. उन्होंने इसे आपसी भाईचारे और मेल-जोल को मजबूत करने वाला त्योहार बताया.
एक-दूसरे को गले लगाकर शुभकामनाएं दीं
बड़ी मस्जिद कमेटी के सदस्य मोहम्मद एजाज ने हजरत इब्राहिम की कुर्बानी का जिक्र करते हुए बताया कि अल्लाह के हुक्म पर उन्होंने अपने सबसे प्रिय पुत्र की कुर्बानी देने का इरादा किया था, लेकिन उनकी सच्ची निष्ठा को देखकर अल्लाह ने उनके पुत्र को सुरक्षित कर दिया. इसी ऐतिहासिक घटना की याद में बकरीद का पर्व मनाया जाता है.
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर शुभकामनाएं दीं. सुबह से ही मुबारकबाद देने का सिलसिला चलता रहा और मुस्लिम बहुल इलाकों में खास रौनक देखने को मिली.
प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क
पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. मस्जिदों, चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में दंडाधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. बड़ी मस्जिद में नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई और मुख्य सड़क को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया.
इस दौरान गौरव पांडेय ने बड़ी मस्जिद पहुंचकर लोगों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि पूरा क्षेत्र शांतिपूर्ण माहौल में पर्व सम्पन्न हुआ और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.
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