सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा को लेेकर लगे आरोपों की जांच करने पहुंचे एडीएम

सदर अस्पताल में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगे आरोप को देखते हुए अपर समाहर्ता सह लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी व सदर अस्पताल नोडल पदाधिकारी बक्सर जांच करने के लिए पहुंचे.

बक्सर.

सदर अस्पताल में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगे आरोप को देखते हुए अपर समाहर्ता सह लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी व सदर अस्पताल नोडल पदाधिकारी बक्सर जांच करने के लिए पहुंचे. जहां अस्पताल व्यवस्था पर लगे आरोपों के बारे में स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही विधिवत जानकारी ली. आरोप लगे सभी बिंदुओं पर जांच की गई. इस क्रम में सिविल सर्जन से लेकर सदर अस्पताल के अधिकारियों से भी बात की. इसके साथ ही सदर अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने को लेकर सदर अस्पताल के अधिकारियों के साथ चर्चा की. जिसकी जांच रिपोर्ट एडीएम एक सप्ताह में जिला पदाधिकारी को सौंपेंगे. ज्ञात हो रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव सह रोगी कल्याण समिति के सदस्य डॉक्टर श्रवण तिवारी ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा पर कई आरोप लगाते हुए जिला पदाधिकारी को आवेदन दिया था. जिसे संज्ञान में लेते हुए जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने अपर समाहर्ता सह सदर अस्पताल नोडल पदाधिकारी को सात दिनों में आराेपों की जांच करते हुए रिपोर्ट देने को लेकर निर्देश दिया गया है. डॉक्टर श्रवण तिवारी ने सदर अस्पताल में सुविधाओं के अभाव को दूर करने को लेकर डीएम को आवेदन दिया है. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि सदर अस्पताल, बक्सर में आये दिन कुछ न कुछ समस्या रोज सुनने को मिलती है जो बहुत ही निंदनीय है. कुछ दिन पूर्व इमरजेेंसी में रशीद के लिए एक से दो घंटा खड़ा रहना पड़ा. उसके बाद चिकित्सक के पास जाने पर पता चला की बीपी मशीन खराब है. जैसे तैसे चिकित्सक के द्वारा दवाई लिखी गई. अभी विगत दिन पहले उसी इमरजेंसी में बेड पर पड़े शव के बगल में ही मरीजों का इलाज रात भर होता. यह गंभीर मामला है. शहर में रहने वाले लोग सदर अस्पताल पर भरोसा जताते है. सदर अस्पताल में सुविधा के नाम पर बहुत परेशानियों को झेलनी पड़ती है. अस्पताल में सफाई की व्यवस्था भी फिर पहले की तरह लचर दिखती नजर आ रही है. बहुत सारे ऐसे चिकित्सक है जिनकी ड्यूटी रोस्टर में चार रोज होने के बावजुद वह कभी-कभी आते है. उनका भुगतान वर्षों से होता आ रहा है. किसी तरह की कोई कटौती नही है. उनका बायोमीट्रिक उपस्थिति जांच के बाद ही पता चल पाएगा. इमरजेंसी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर एक कमेटी गठित कर जांच कराने की मांग किया है. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर सुरेश चंद्र सिंहा ने बताया कि एडीएम सामान्य रूटिन के तहत सदर अस्पताल पहुंचे. जहां सदर अस्पताल के उपाधीक्षक एवं प्रबंधक की मौजूदगी में चर्चा की गई. इस दौरान सदर अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मरीजों को मुहैया कराने के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की गई.

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By Prabhat Khabar News Desk

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