बक्सर : पांचवें चरण के जल-जीवन-हरियाली यात्रा के क्रम में 27 दिसंबर को इटाढ़ी प्रखंड के उनवांस गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की होने वाली सभा स्थल का जायजा लेने मंगलवार को प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल पहुंचे थे. इस दौरान इन्होंने उपस्थित प्रशासनिक पदाधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिये.
प्रमंडलीय आयुक्त ने किया सीएम के कार्यक्रम स्थल का दौरा
बक्सर : पांचवें चरण के जल-जीवन-हरियाली यात्रा के क्रम में 27 दिसंबर को इटाढ़ी प्रखंड के उनवांस गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की होने वाली सभा स्थल का जायजा लेने मंगलवार को प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल पहुंचे थे. इस दौरान इन्होंने उपस्थित प्रशासनिक पदाधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिये. जायजा के क्रम में डीएम […]

जायजा के क्रम में डीएम राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा, उप विकास आयुक्त अरविंद कुमार समेत जिले के प्रशासनिक पदाधिकारी भी उपस्थित रहे. बता दें कि जल-जीवन-हरियाली जागरूकता सम्मेलन 27 दिसंबर को इटाढ़ी प्रखंड के उनवांस पंचायत के पंचायत सरकार भवन परिसर में होगा.
वहीं जल-जीवन-हरियाली यात्रा के अंतर्गत जीर्णोद्धार कराये गये पोखर का सौंदर्यीकरण, पाथवे निर्माण, चबूतरा निर्माण एवं तालाब के चारों ओर कराये गये पौधरोपण का अवलोकन भी मुख्यमंत्री करेंगे. साथ ही उनवांस पंचायत सरकार भवन के समीप स्थित आचार्य शिव पूजन सहाय की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे. सीएम के आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोर शोर से की जा रही है.
जल-जीवन-हरियाली को बचाने के लिए आगे आएं बुद्धिजीवी : डुमरांव. जल-जीवन-हरियाली को बचाने में बुद्धिजीवी समाज को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए. इसके लिए पौधारोपण के साथ बर्बाद हो रहे पानी के बचाव को लेकर आम-अवाम के बीच जागरूकता की पहल करनी चाहिए.
उक्त बातें डुमरांव के जदयू विधायक ददन पहलवान यादव ने अपने संबोधन में कही. मंगलवार को एक सभागार में बुद्धिजीवियों के बीच सीएम के सामाजिक कुरीतियों पर अभियान के उद्देश्यों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के समाज में सुधारक के रूप में खड़े हैं और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों के बीच चेतना जगा रहे हैं.
इस दौरान बिहार प्रदेश जदयू के सचिव डॉ सुभाष चंद्रशेखर ने 27 दिसंबर को होने वाले इटाढ़ी के उनवास में होने वाली सीएम के हरियाली यात्रा पर चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का उद्देश्य राज्य में विकास और जल-जीवन-हरियाली को बढ़ावा देने का मकसद है.