राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में राजगीर के राजकीय डिग्री महाविद्यालय में रविवार को "नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान" के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन एवं नशामुक्ति संकल्प कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी सामूहिक रूप से देखा गया.
युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था.
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है. इसलिए प्रत्येक युवा का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करे.
शिक्षकों की उपस्थिति और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका
कार्यक्रम का समन्वयन एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी पिंकी आर्य ने किया. इस अवसर पर एनईपी समन्वयक डॉ. सौमेन पायरा, वीएसी समन्वयक डॉ. धीरेंद्र उपाध्याय, डॉ. टिंकू कुमार एवं डॉ. राहुल प्रकाश सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे.
सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. नशामुक्त समाज का सपना तभी साकार होगा, जब युवा वर्ग स्वयं जागरूक होकर सामाजिक परिवर्तन का नेतृत्व करेगा.
नशामुक्ति की सामूहिक शपथ और 'नशा छोड़ें, राष्ट्र जोड़ें' का उद्घोष
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा शिक्षकों ने जीवनभर किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करने और समाज में नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया.
पूरे परिसर में "नशा छोड़ें, राष्ट्र जोड़ें—विकसित भारत की ओर बढ़ें" का उद्घोष गूंज उठा. इससे वातावरण राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता के संदेश से ओत-प्रोत हो गया.
