राजगीर अंचल इन दिनों गंभीर प्रशासनिक संकट से जूझ रहा है. अंचल कार्यालय में एक भी राजस्व कर्मचारी के पदस्थापित नहीं रहने के कारण राजस्व से जुड़े सभी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं.
सबसे अधिक परेशानी आय, जाति, निवास एवं क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों को हो रही है. इन प्रमाण पत्रों का निर्गमन पूरी तरह ठप पड़ जाने से आम नागरिकों के साथ-साथ विद्यार्थियों और नौकरी के अभ्यर्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
इन दिनों विभिन्न शिक्षण संस्थानों में नामांकन प्रक्रिया चल रही है, वहीं कई सरकारी एवं निजी नौकरियों के लिए आवेदन भी आमंत्रित किए जा रहे हैं.
अधिकांश संस्थानों और विभागों में आय, जाति, निवास तथा क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज के रूप में मांगे जाते हैं, लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बनने से अनेक विद्यार्थी समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं. जरूरतमंद लोगों में इस स्थिति को लेकर निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
दाखिल-खारिज और परिमार्जन सहित सभी राजस्व कार्य पूरी तरह ठप
यहां पदस्थापित राजस्व कर्मचारियों को स्थानांतरण के बाद जिला प्रशासन द्वारा विरमित कर दिया गया है, लेकिन यहाँ किसी राजस्व कर्मचारी द्वारा अब तक योगदान नहीं दिया गया है.
राजस्व कर्मचारी नहीं होने से दाखिल-खारिज, भूमि संबंधी जाँच, परिमार्जन, लगान से जुड़े मामलों सहित अन्य राजस्व कार्य भी पूरी तरह प्रभावित हैं.
कार्यालय आने वाले लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है. कई लोग लगातार कई दिनों से कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है.
जिला प्रशासन से शीघ्र प्रतिनियुक्ति करने की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से राजगीर अंचल में शीघ्र राजस्व कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की है.
उनका कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं की गई, तो विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा और आम नागरिकों की प्रशासनिक समस्याएँ और बढ़ जाएँगी.
लोगों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर राजस्व सेवाओं को सुचारु रूप से शुरू कराने की अपील की है.
