राजगीर मॉब लिंचिंग पर भड़के सांसद पप्पू यादव, पीड़ितों को दी आर्थिक मदद; बोले- 'संसद तक उठाएंगे आवाज'

Rajgir Mob Lynching MP Pappu Yadav News: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने नालंदा जिले के दीपनगर अंतर्गत गंजपर गांव पहुंचकर राजगीर मॉब लिंचिंग में मारे गए दो दलित युवकों के परिजनों से मुलाकात की. सांसद ने पीड़ित परिवारों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी और पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

बिहारशरीफ से रणजीत सिंह की रिपोर्ट

Rajgir Mob Lynching MP Pappu Yadav News: नालंदा जिले के राजगीर थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई मॉब लिंचिंग की खौफनाक वारदात के बाद कलेक्ट्रेट और राजनीतिक गलियारे में भूचाल आया हुआ है. इसी कड़ी में रविवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव अपने भारी समर्थकों के साथ दीपनगर थाना क्षेत्र स्थित गंजपर गांव पहुंचे. सांसद ने राजगीर मॉब लिंचिंग मामले में बेरहमी से मारे गए दोनों दलित युवकों के पीड़ित परिजनों से बंद कमरे में मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. इस दौरान पप्पू यादव ने अत्यंत भावुक माहौल के बीच पीड़ित परिवारों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की और भविष्य में हर संभव कानूनी व सामाजिक मदद का पक्का भरोसा दिलाया.

सांसंद पप्पू यादव

चोरी के शक में भीड़ ने ले ली थी दो दलित युवकों की जान

कलेक्ट्रेट और पुलिस महकमे से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बीते 15 जून को राजगीर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झुनकिया बाबा मंदिर के पास एक बेहद निंदनीय घटना घटी थी. वहां मंदिर में चोरी करने के आरोप में उग्र भीड़ ने दो दलित युवकों को बंधक बना लिया था और उनकी बेरहमी से लाठी-डंडों से पिटाई कर दी थी. इस बर्बर पिटाई के कारण दोनों युवकों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी. इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही पूरे नालंदा जिले में तनाव का माहौल व्याप्त था और स्थानीय पुलिस प्रशासन की गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे.

15 दोषियों में सिर्फ 4 की गिरफ्तारी पर भड़के पप्पू यादव

पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद गंजपर गांव में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए सांसद पप्पू यादव ने बिहार सरकार और पुलिस कप्तानों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सूबे में दलित, महादलित, यादव और समाज के अन्य कमजोर व पिछड़े वर्गों पर अत्याचार और हिंसा की घटनाएं अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई हैं. सांसद ने पुलिस की फाइलों का हवाला देते हुए कहा कि इस जघन्य वारदात में लगभग 15 लोग नामजद और सक्रिय थे, लेकिन घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने केवल चार लोगों को गिरफ्तार किया है. यह ढीली कार्रवाई साफ तौर पर पुलिस की मंशा और मिलीभगत की तरफ इशारा करती है.

सांसंद पप्पू यादव

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सड़क से संसद तक न्याय की लड़ाई लड़ने का संकल्प

पप्पू यादव ने अपने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों और कानून को हाथ में लेने वालों का मनोबल कलेक्ट्रेट की सुस्ती की वजह से सातवें आसमान पर है और राज्य में एक तरह से “गुंडाराज” जैसी भयावह स्थिति बन गई है. उन्होंने हाल के दिनों में विभिन्न मंदिरों में हुई चोरी की कड़ियों का जिक्र करते हुए सरकार की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह फेल बताया.

सांसद ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी कि वे इस संवेदनशील मामले को शांत नहीं होने देंगे और इसे सड़क से लेकर देश की संसद तक पुरजोर तरीके से उठाएंगे. उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ने पर पटना उच्च न्यायालय (High Court) में जनहित याचिका दायर करने की भी बात कही. इस मौके पर मौजूद नेता राजू दानवीर ने भी राजगीर मॉब लिंचिंग की इस क्रूर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और कलेक्ट्रेट प्रशासन से मांग की कि स्पीडी ट्रायल चलाकर सभी दोषियों को फांसी की सजा दिलाई जाए.

सांसंद पप्पू यादव

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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