नालंदा में डिग्री कॉलेज की मांग पर बवाल: प्रदर्शनकारियों का पुलिस पर पथराव, कई जवान घायल, 10 से अधिक गिरफ्तार

Nalanda Nagarnausa Protest Violence News : नालंदा जिले के नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन गुरुवार को हिंसक हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हिलसा एएसपी शैलजा कुमारी और एसडीएम अमित कुमार पटेल ने मौके पर पहुंचकर 10 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार कराया. पढ़ें रिपोर्ट.

Nalanda Nagarnausa Protest Violence News (रजनीकांत): नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र से इस वक्त कानून व्यवस्था को पूरी तरह हिलाकर रख देने वाली एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज हिंसक वारदात की खबर सामने आ रही है. नगरनौसा में स्थानीय युवाओं और छात्रों द्वारा पिछले कुछ समय से चल रहा ‘डिग्री कॉलेज की स्थापना’ का शांतिपूर्ण आंदोलन गुरुवार को अचानक पूरी तरह उग्र और हिंसक हो गया. बेकाबू प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों पर सरेआम और जमकर पत्थरों की बरसात कर दी. इस अचानक हुए जानलेवा पथराव में कई पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद से पूरे नगरनौसा बाजार और आस-पास के इलाकों में भयंकर तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त है.

प्रदर्शन कर रहे छात्र को गिरफ्तार करती पुलिस

कॉलेज की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे सैकड़ों छात्र, अचानक कुछ शरारती तत्वों ने शुरू कर दी पत्थरबाजी

नगरनौसा थाना पुलिस और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में छात्र और स्थानीय नागरिक नगरनौसा मुख्य मार्ग पर शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाल रहे थे. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि उनके सुदूर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए एक सरकारी डिग्री कॉलेज स्थापित किया जाए. मार्च जब मुख्य चौक के पास पहुंचा, तभी भीड़ में शामिल कुछ असमाजिक और शरारती तत्वों ने अचानक नारेबाजी करते हुए सामने खड़ी पुलिस टीम को निशाना बनाकर भारी पत्थरबाजी शुरू कर दी.

मौके पर मौजूद पुलिस बल

सरकारी गाड़ियों को बनाया निशाना, ड्रोन कैमरों की निगरानी के बावजूद बेकाबू हुई उपद्रवियों की भीड़

देखते ही देखते पूरा आंदोलन एक हिंसक स्थिति में तब्दील हो गया. उपद्रवियों ने न केवल पुलिस पर पत्थर बरसाए, बल्कि सड़क किनारे खड़े कई सरकारी और प्रशासनिक वाहनों की खिड़कियों और शीशों को लाठी-डंडों से पीटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय प्रशासन को आंदोलन उग्र होने का अंदेशा पहले से था, जिसके कारण पूरे इलाके की हाई-टेक ड्रोन कैमरों से लाइव निगरानी की जा रही थी. इसके बावजूद उपद्रवियों की भारी भीड़ पूरी तरह बेकाबू हो गई और पुलिस को आत्मरक्षार्थ पीछे हटना पड़ा.

पुलिस की तैयारी

हिलसा एएसपी और एसडीएम ने संभाली कमान, बाजार में फ्लैग मार्च के बाद छावनी में बदला नगरनौसा

घटना की भयावहता की सूचना मिलते ही हिलसा के एएसपी शैलजा कुमारी और एसडीएम अमित कुमार पटेल तुरंत भारी संख्या में जिला पुलिस बल और दंगा रोधी वाहनों के साथ मौके पर लाइव पहुंच गए. दोनों आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़ने के आदेश दिए. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल और आस-पास के ठिकानों से करीब एक दर्जन (10 से अधिक) मुख्य उपद्रवियों और हमलावर छात्रों को ऑन-स्पॉट गिरफ्तार कर अपनी कस्टडी में ले लिया है.

फ्लैग मार्च करती पुलिस

हालात को दोबारा पूरी तरह नियंत्रण में लाने के लिए एएसपी शैलजा कुमारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने नगरनौसा मुख्य बाजार, संवेदनशील चौक-चौराहों और प्रमुख रिहायशी सड़कों पर कड़ा फ्लैग मार्च (Flag March) निकाला है. प्रशासन ने फिलहाल मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था को दोबारा बहाल कर दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन और स्थानीय लोगों के मोबाइल वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि हर एक पत्थरबाज की पहचान कर उन पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर जानलेवा हमला करने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा जा सके. सुरक्षा के लिहाज से वर्तमान में पूरे नगरनौसा क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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