Nalanda News : बिहारशरीफ के हरनौत नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. निकाय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर 122 सफाई कर्मी लगातार दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे. हड़ताल के कारण शहर की सड़कों और मोहल्लों में कचरे का अंबार लग गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गंदगी बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है.
शुक्रवार को भी सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा. कर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. हड़ताल का असर साफ तौर पर शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर देखा जा सकता है, जहां जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो गए हैं.
सब हेडिंग: इन मांगों को लेकर कर्मी अड़े
प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों की मुख्य मांगों में पीएफ की राशि उनके बैंक खाते में नियमित रूप से जमा कराना, समान काम के बदले समान वेतन लागू करना और काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना शामिल है. इसके अलावा कर्मी सेवा सुरक्षा की गारंटी और सम्मानजनक व्यवहार की भी मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से इन मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उन्हें मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा.
सब हेडिंग: गंदगी से बढ़ी परेशानी, बीमारी का खतरा
हड़ताल के कारण हरनौत नगर पंचायत के विभिन्न इलाकों में सफाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है. सड़कों और मोहल्लों में कचरे का ढेर लगने से बदबू फैल रही है और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि अगर जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं. बारिश के मौसम में गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.
सब हेडिंग: प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस हड़ताल का समाधान निकाला जाए और शहर में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाया जाए. लोगों का कहना है कि आम जनता को इस तरह की समस्या से बचाने के लिए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.
वहीं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सौरभ सुमन ने कहा कि शुक्रवार की शाम तक सफाई कर्मी हड़ताल पर रहेंगे. उन्होंने संकेत दिया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
