shrimad bhagwat katha: शहर के डाकबंगला स्थित श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन आश्रम में शिवावतार श्री श्री जगतगुरु भगवान उदासीनाचार्य वालयाती श्रीचंद जी के अवतरण दिवस के अवसर पर रविवार की देर शाम सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ. कथा का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघचालक बैद्यनाथ जायसवाल, अखाड़ा के महंत श्यामानंद जी महाराज एवं गायत्री परिवार की गायत्री देवी आर्या ने संयुक्त रूप से विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर किया.
मानव जीवन के महत्व को समझने की जरूरत
कथा के प्रथम दिन मथुरा से पहुंचे कथावाचक कृष्णा जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा की कलियुग में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने मानव जीवन के महत्व को भूलता जा रहा है. गृहस्थ जीवन के कार्यों का निर्वहन करते हुए भी मनुष्य को निरंतर प्रभु का स्मरण करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे जमीन के विवाद में लोग अपना बहुमूल्य समय कोर्ट-कचहरी के चक्कर में गंवा देते हैं और मोह-माया में फंसकर अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य भूल जाते हैं. श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को त्याग, सदाचार और श्रेष्ठ आचरण की प्रेरणा देती है.
गोकर्ण और राजा परीक्षित के प्रसंग सुनाये
कथावाचक ने गोकर्ण, राजा परीक्षित एवं शुकदेव प्रभु से जुड़े प्रसंगों का भी भावपूर्ण वर्णन किया. प्रसंग सुनकर मौजूद सैकड़ों श्रद्धालु भावविभोर हो गये. कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
19 सितंबर तक चलेगी श्रीमद्भागवत कथा
अखाड़ा के महंत श्यामानंद जी महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 13 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन शाम पांच बजे से रात 8:30 बजे तक किया जा रहा है. कथा सुनने आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
कथा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा श्रद्धालुओं के बैठने और प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गयी है.
सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर सुरेश प्रसाद, राम नरेश प्रसाद, संजीव कुमार, सौरव प्रकाश, पवन कुमार, साहिल, सुब्रत, अजय, आशुतोष कुमार गौरी, राकेश कुमार, कृष्णा, सोहन, चंदन सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे.
