करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित 30 बेड वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिंद आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध करा रहा है.
यहां ओपीडी, पैथोलॉजी, एक्स-रे, ईसीजी, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य प्रसव, परिवार नियोजन, आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सेवाएं तथा 24 घंटे एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध है.
इस अस्पताल से बिंद के अलावा सरमेरा, रहुई और बेलछी प्रखंड के हजारों लोगों को लाभ मिल रहा है, इसके बावजूद अस्पताल में चारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
अस्पताल परिसर खुला रहने के कारण दिन-रात आवारा पशुओं और बाहरी लोगों का प्रवेश बना रहता है, जिससे अस्पताल की स्वच्छता, सुरक्षा और मरीजों की सुविधा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है. खासकर रात के समय सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है.
चारदीवारी नहीं होने से आवारा पशुओं का रहता है प्रवेश
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर अत्याधुनिक अस्पताल का निर्माण कराया है, लेकिन चारदीवारी के अभाव में इसकी सुरक्षा अधूरी है.
उनका कहना है कि मरीजों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल परिसर की चारदीवारी का निर्माण अत्यंत आवश्यक है.
ग्रामीणों ने की शीघ्र चारदीवारी निर्माण कराने की मांग
ग्रामीण रवि रंजन कुमार, महेश राउत, प्रदीप कुमार, पंकज कुमार, राधेश्याम प्रसाद, बाल्मीकि राउत, रजनीश कुमार और कैलाश राउत समेत दर्जनों लोगों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से अस्पताल की चारदीवारी का शीघ्र निर्माण कराने, मुख्य प्रवेश द्वार विकसित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है.
उनका कहना है कि यदि यह कमी भी दूर कर दी जाए, तो बिंद का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए एक आदर्श सरकारी अस्पताल बन सकता है.
उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा प्रस्ताव: प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिंद के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमाकांत प्रसाद ने बताया कि अस्पताल की चारदीवारी निर्माण के लिए जल्द ही उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि सुरक्षा संबंधी समस्या का स्थायी समाधान हो सके.
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