बिहारशरीफ : जमीन की रजिस्ट्री के बाद नहीं मिलेगा रजिस्ट्री पेपर? जानिए WhatsApp, SMS और ई-मेल पर कैसे मिलेगा डॉक्यूमेंट

बिहारशरीफ में जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए बड़ी राहत. अब निबंधन प्रक्रिया के बाद डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त केवाला सीधे क्रेता के मोबाइल पर WhatsApp, SMS या ई-मेल से भेजा जाएगा. यह नई व्यवस्था कागजी झंझटों को खत्म करेगी और दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.

Paperless Land Registration Bihar : बिहारशरीफ. जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि अब निबंधन की प्रक्रिया पूरी होते ही जमीन का डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त केवाला (दस्तावेज) क्रेता के मोबाइल पर उपलब्ध कराया जायेगा और यह दस्तावेज व्हाट्सऐप, एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से भेजा जायेगा, जिसे क्रेता इसे मोबाइल में डाउनलोड कर सुरक्षित रख सकता है. और जरूरत के अनुसार उसका प्रिंट भी निकाल सकता है.

इसके अलावा निबंधन कार्यालय से भी दस्तावेज प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी और जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने बताया कि यह डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त पीडीएफ पूरी तरह वैध दस्तावेज है.

निबंधन को लेकर फैली अफवाहों पर विभाग द्वारा स्पष्टीकरण

पेपरलेस जमीन निबंधन की व्यवस्था में शुरुआती तकनीकी दिक्कतों और काम की सुस्ती को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी थी तथा कुछ लोगों की ओर से यह अफवाह भी फैलायी जा रही है कि निबंधन कार्यालय में हड़ताल है और जमीन की रजिस्ट्री के बाद कोई दस्तावेज नहीं मिलेगा.

जिस पर जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने ऐसी बातों को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि जमीन निबंधन का काम जारी है तथा लोगों को किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए.

हेल्प डेस्क से मिलेगी पूरी जानकारी

जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों की सुविधा के लिए निबंधन कार्यालय में हेल्प डेस्क की व्यवस्था है जहां पहुंचकर क्रेता जमीन निबंधन की प्रक्रिया, जरूरी कागजात, ऑनलाइन आवेदन और आगे की कार्रवाई से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

क्योंकि विभाग का कहना है कि प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए लोगों को कार्यालय आने से पहले भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है.

ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी, एकरार के लिए कार्यालय आना होगा

जिला अवर निबंधक मनीष कुमार के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है.

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जिसमें आवेदन से लेकर आवश्यक जानकारी और अन्य औपचारिकताएं ऑनलाइन पूरी होने के बाद एकरार की प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय पर कार्यालय आना होगा जिससे कार्यालय में अनावश्यक भीड़ और बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी.

डिजिटल केवाला की सुविधा से सुरक्षित रहेगा दस्तावेज

पेपरलेस निबंधन की व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जमीन का महत्वपूर्ण दस्तावेज डिजिटल रूप में भी उपलब्ध रहेगा जिसे मोबाइल और ई-मेल में सुरक्षित रखा जा सकेगा और भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका प्रिंट निकालकर उपयोग किया जा सकता है.

जिससे कागजी दस्तावेज के रखरखाव, उसके खराब होने या गुम होने जैसी समस्याओं से भी राहत मिल सकती है तथा विभाग ने गलत सूचनाओं से बचने की अपील की है.


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लेखक के बारे में

By कंचन कुमार

कंचन कुमार वर्ष 2009 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उत्तराखंड से शुरुआत करने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पटना, नवादा और बिहारशरीफ में विभिन्न मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर बिहारशरीफ कार्यालय में नालंदा जिला रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं. जिला प्रशासन, खोजी एवं विशेष रिपोर्ट, जमीनी पड़ताल, विकास, जनसरोकार के मुद्दों तथा लोकसभा और विधानसभा चुनावों के गहन विश्लेषण के लिए उनकी विशेष पहचान है.

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